अब यूपी पुलिस की लंबी मार, 58 नहीं, अब 60 पुर्जों की रिवाल्वर 

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  • 32 की तुलना में यह 15 मीटर अधिक दूरी तक मार कर सकेगी
  • आइआइटी कानपुर ने तैयार की .38 बोर के रिवाल्वर की डिजाइन
संग्राम सिंह, कानपुर : वह दिन दूर नहीं, जब उत्तर प्रदेश पुलिस देशी रिवाल्वर से लंबी दूरी तक मार कर सकेगी। स्माल आम्र्स फैक्ट्री के .38 बोर क्षमता के देशी रिवाल्वर की डिजाइन तैयार हो चुकी है। आइआइटी कानपुर ने .32 बोर की तुलना में इसमें कई अहम बदलाव किए हैं, इसे और ताकतवर बनाया गया है। अगले दो महीने में विकसित हुई रिवाल्वर को पहले आंतरिक ट्रायल से गुजारा जाएगा। अभी तक यूपी पुलिस को .38 बोर की रिवाल्वर सिंगापुर से निर्यात करके देनी पड़ रही है, इसकी लागत एक लाख रुपये के आसपास आ रही है। चूंकि इसे निर्यात कर भारत में मंगाया जा रहा है, इसलिए यह रिवाल्वर अभी गिने-चुने पुलिस अफसरों को ही दी जा सकी है। वर्ष 2016 में यूपी पुलिस ने स्माल आम्र्स फैक्ट्री को .38 बोर का देशी रिवाल्वर विकसित करने के लिए कहा, तब से आइआइटी कानपुर के साथ मिलकर इसकी ड्राइंग बनाने में जुटी है। डिजाइन अब लगभग फाइनल हो चुकी है। यह देशी रिवाल्वर निर्यात होने वाली रिवाल्वर से बेहद सस्ती होगी। इसका कैलीबर बढऩे के कारण यह .32 बोर की तुलना में 15 मीटर अधिक दूरी तक मार करने में सफल होगी। एसएएफ के वरिष्ठ महाप्रबंधक एचआर दीक्षित ने बताया कि डिजाइन का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। अब अगले कुछ माह में ही .38 बोर रिवाल्वर का ट्रायल होने वाला है।
बदला पुर्जों का गणित : अभी तक .32 बोर की रिवाल्वर में 58 पुर्जे होते थे। अब एसएएफ द्वारा विकसित की जा रही .38 बोर रिवाल्वर में कुल 60 पुर्जे लगाए जाएंगे। करीब दो पुर्जे बढ़ाए गए है, तोडऩे के बजाय इसका सिलेंडर साइड से खोला जा सकेगा। अब इसके ट्रिगर को भी बेहद असरदार बना दिया गया है।
दोनों रिवाल्वर की तकनीकी खूबियां
फीचर्स         .32 बोर        .38 बोर
कैलीबर       7.65 एमएम  9.65 एमएम
वजन          740 ग्राम        800 ग्राम
लंबाई         177.6 एमएम 180 एमएम
मारक क्षमता   10 मीटर        25 मीटर
           (नोट : एमएम को मिलीमीटर में)
हवाई जहाज से भेजा 100 रिवाल्वर
आचार संहिता की वजह से फील्ड गन फैक्ट्री ने पिछले दिनों पंजाब के डीलर्स को .32 बोर की 100 रिवाल्वर हवाई जहाज से भेजना पड़ा। एयर इंडिया के प्लेन से पंजाब को आपूर्ति की गई है.