समिति की मांगों पर समन्वय बैठक, शीघ्र समाधान के निर्देश
लखनऊ, 10 अगस्त: सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने जिला मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की दोबारा एलआईयू जाँच न कराने का फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के साथ समन्वय बैठक में सूचना निदेशक विशाल सिंह ने यह स्पष्ट किया और संबंधित आदेश को शीघ्रातिशीघ्र निरस्त करने के निर्देश दिए।
कांफ्रेंस हॉल में विस्तार से हुई चर्चा
सूचना निदेशालय के कांफ्रेंस हॉल में हुई बैठक की अध्यक्षता निदेशक विशाल सिंह ने की। इसमें अपर निदेशक अरविंद मिश्र भी मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी और सचिव भारत सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों से जुड़ी समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। निदेशक ने अपर निदेशक को सभी मांगों पर तुरंत निर्णय लेकर निस्तारण करने का निर्देश दिया।
यह थीं समिति की प्रमुख मांगें
समिति ने नौ सूत्रीय मांग पत्र पेश किया। इसमें 58 वर्ष की आयु में पेंशन, पत्रकारों के लिए प्लॉट-आवास-फ्लैट आवंटन, सेवानिवृत्ति आयु पर मान्यता को स्वतः वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पत्रकार श्रेणी में स्थानांतरित करना, मान्यता समिति का गठन, दारुलशफा ए-ब्लॉक में फोटोग्राफरों के कार्यालय की बकाया राशि का भुगतान, आयुष्मान कार्ड कैंप, कैशलेस मेडिकल कार्ड, एसजीपीजीआई में बेहतर चिकित्सा सुविधा (सीमा 25 लाख से बढ़ाकर एक करोड़) तथा स्वतंत्र-वरिष्ठ पत्रकारों और फोटो जर्नलिस्टों से नियमित सामग्री लेकर सरकारी प्रकाशनों में उचित पारिश्रमिक के साथ प्रकाशित करने जैसी मांगें शामिल रहीं।
पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान पर जोर
अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी हैं। उनकी सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सम्मान से जुड़ी मांगों का समयबद्ध समाधान जरूरी है। सचिव भारत सिंह ने सभी मांगों को पत्रकारों के व्यापक हित से जोड़ा।
बता दें कि बैठक में अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्रा, सहायक निदेशक अमित यादव, वित्त नियंत्रक संजय सिंह तथा समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।







