यूपी में 1 अक्टूबर से लागू होंगी नई दरें, अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को हर महीने ₹174 से ₹238 तक का फायदा; नोएडा-गाजियाबाद में सबसे अधिक न्यूनतम मजदूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी गई है। योगी सरकार ने परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) की संशोधित दरें तय की हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी। नई दरों से अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी में 174.25 रुपये से 238.39 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
नई दरें प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार तय की गई हैं। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मासिक न्यूनतम मजदूरी 13,883.59 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 15,271.41 रुपये और कुशल श्रमिकों की 17,106.39 रुपये होगी।
अन्य नगर निगम वाले जिलों में अकुशल श्रमिकों को 13,189.68 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 14,507.46 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,250.86 रुपये मासिक मजदूरी मिलेगी। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 12,530.25 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 13,782.30 रुपये और कुशल श्रमिकों की 15,438.42 रुपये तय की गई है।
महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें
मजदूरी की नई दरें जनवरी से जून 2026 के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर निर्धारित की गई हैं। श्रम विभाग ने औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों को संशोधित दरों के अनुसार श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी देने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के निर्देशों के अनुसार, जिन कर्मचारियों को पहले से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से अधिक भुगतान मिल रहा है, उनकी मौजूदा मजदूरी कम नहीं की जा सकेगी। नई दरों का उद्देश्य महंगाई के असर को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन उपलब्ध कराना है।







