Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, November 5
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    सत्ता सड़क परः लोकतंत्र की उलटी गंगा

    ShagunBy ShagunNovember 5, 2026 Current Issues No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Power on the Streets: Democracy’s Inverted Flow
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 3

    सर्वेश यादव

    भारतीय राजनीति का कैनवास इन दिनों कुछ ऐसे दिलचस्प और उलटबांसी रंगों से रंगा है, जिन्हें देखकर सदियों पुरानी वह कहावत याद आ जाती है कि ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।’ देश के राजनीतिक इतिहास में यह पहला अनूठा अवसर है जब पूर्ण बहुमत और अजेय ताकत के सिंहासन पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी को खुद सड़कों पर उतरकर ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे लगाने पड़ रहे हैं।

    ज़रा सोचिए, जिस दल के पास देश की सबसे विराट मशीनरी, अपार संसाधन और सोशल मीडिया की अंतहीन फौज हो, उसे अचानक विपक्ष के बढ़ते जनाधार, राहुल गांधी के तीखे तेवरों और समाजवादी पार्टी के आक्रामक तेवर से ऐसा कौन सा भय सताने लगा कि राजा और उसकी फौज को फरियादी की तरह फरियाद लेकर सड़क पर आना पड़ा? जब सत्ता खुद अपनी ही व्यवस्था से आशंकित हो उठे, तो यह मान लेना चाहिए कि राजनीति के गलियारों में कुछ तो ऐसा है जो सतह के नीचे बहुत तेजी से बदल रहा है।

    इस सियासी ड्रामे की पटकथा तब लिखी गई जब विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन ने चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी हुंकार भरी। इसके जवाब में सत्ता पक्ष ने भोपाल, हैदराबाद से लेकर लखनऊ, बरेली, कानपुर और इंदौर तक देशव्यापी पदयात्राओं का सैलाब ला दिया। मंचों से केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने जिस आक्रामक शैली में हुंकार भरी, उसे देखकर ऐसा लगा मानो देश की बागडोर विपक्ष के हाथ में हो और सत्ता पक्ष किसी विकट अज्ञातवास में संघर्ष कर रहा हो। देश के तमाम मंचों से नेताओं ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए यहाँ तक कह डाला कि वे देश में नेपाल या बांग्लादेश जैसा अराजक माहौल बनाना चाहते हैं।Power on the Streets: Democracy’s Inverted Flow

    वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को ‘अबोध बालक’ करार देते हुए इमरजेंसी के दौर की याद दिलाई और यह दावा किया कि जनता अगले 20-30 साल तक इन्हें सत्ता के आस-पास भी नहीं फटकने देगी।

    Power on the Streets: Democracy’s Inverted Flowइस शोरगुल के बीच सबसे दिलचस्प प्रतिक्रिया समाजवादी पार्टी की ओर से आई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा द्वारा “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” अभियान समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा कि देश में केवल एक ही संकट है भाजपा! और इस संकट का समाधान है “भाजपा को भगाओ, भाजपा को हटाओ।“ सपा प्रमुख ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार बैलेट पेपर से वोटिंग की वकालत करती रही है और यदि वे यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटें भी जीत जाएं, तब भी वे ईवीएम का विरोध जारी रखेंगे।

    वहीं सपा के अन्य नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर लाखों वोट गायब होने और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के गंभीर आंकड़े उठाते हुए सीधे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल दागे। सपा का तर्क है कि जब जनता मंहगाई और बेरोजगारी के बोझ से त्रस्त होकर बदलाव का मन बना रही है, तो सत्ताधारी दल ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आयोजनों का पाखंड कर रहा है। दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए यहाँ तक कह डाला कि विपक्ष क्रिकेट के उस हारे हुए खिलाड़ी की तरह है जो मैदान में टिक न पाने पर अंपायर यानी चुनाव आयोग पर ही बेईमानी का ठिकरा फोड़ रहा है।

    आखिर इस देश में लोकतंत्र को असली खतरा किससे है? क्या उस विपक्ष से जो चुनाव हारने के बाद अपनी हार की कसक संवैधानिक संस्थाओं के सामने रख रहा है, या उस सत्ता से जो केंद्रीय एजेंसियों और बहुमत के हंटर से हर असहमत आवाज़ को कुचलने का हुनर जानती है? एक अचरज भरी बात यह है कि जो दल कभी आंदोलनों की कोख से जन्म लेकर सड़क जाम करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानता था, आज वही सत्ता में आने के बाद विपक्ष के हर वैचारिक विरोध और तीखे सवालों को ‘अराजकता’ का तमगा दे रहा है। जब-जब हुक्मरान अपनी सफलताओं का कोई ठोस विमर्श गढ़ने में नाकाम होते हैं, तब-तब वे संस्थाओं की आड़ में राष्ट्रवाद का सुरक्षा कवच ओढ़ लेते हैं।

    सत्ता पक्ष के लिए आज के इस अद्यतन लोकतंत्र का फलसफा तो कुछ और ही कहानी बयां करता है- “मैं ही पक्ष हूँ, मैं ही विपक्ष।” जब सांकेतिक रूप से विपक्ष की भूमिका भी सत्तापक्ष खुद ही सँभालने लगे, तो भला वास्तविक विपक्ष का इस धरा पर क्या औचित्य बचता है? तर्क तो यह भी गढ़ा जा रहा है कि क्यों न इस अद्यतन लोकतंत्र से वास्तविक विपक्ष को हमेशा के लिए निलंबित कर दिया जाए, ताकि सिर्फ और सिर्फ एक की ही निर्बाध हुकूमत चले! वैसे भी, जनता के हितों को साधने का ठेका विपक्ष क्यों ले, जबकि आज की जनता खुद धर्म और नफरत के नशे में मदमस्त है। और किसी का मद छीनना तो अपराध और पाप की श्रेणी में आता है! ऐसे में, जब जनता अपनी ही सुप्त अवस्था में प्रसन्न है, तो वास्तविक विपक्ष को अब इस धरा से प्रेमपूर्वक ‘टाटा-बाय-बाय’ कह देना ही ज्यादा उचित प्रतीत होता है।

    लोकतंत्र न तो महज चुनाव हारने-जीतने से खतरे में पड़ता है और न ही कुछेक नेताओं के बयानबाजी से। लोकतंत्र का दम असल में तब घुटता है जब जनता की गाढ़ी कमाई से चलने वाली व्यवस्था में सवाल पूछने वाले हर नागरिक को देश का दुश्मन या अराजक मान लिया जाए। आज जब सत्ता खुद अपने ही साये से डरकर सड़कों पर उतरने का स्वांग रचने लगे, तो यह समझ लेना चाहिए कि जनता के मन में सुलग रही अनकही खामोशियाँ अब सत्ता के महलों तक साफ सुनाई देने लगी हैं।

    Shagun

    Keep Reading

    Bulletproof Glass for Artists: A Serious Question Regarding Law and Order

    कलाकारों का बुलेटप्रूफ कांच: कानून-व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल

    आग ही क्यों? जब घर की चारदीवारी में ही महिलाओं की सुरक्षा पर उठने लगे सवाल!

    नीले ड्रम’ हत्याकांड पर आया फैसला : जैसी करनी, वैसी भरनी

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Kashika Kapoor Makes Headlines with Neil Nitin Mukesh in ‘Bewafa Se’, Now Set to Impress in Telugu Cinema with ‘Cast’!

    नील नितिन मुकेश के साथ ‘बेवफा से’ में कशिका कपूर ने स्क्रीन पर लगाई आग, अब ‘कास्ट’ में दिखेगा नया अवतार!

    November 5, 2026
    Power on the Streets: Democracy’s Inverted Flow

    सत्ता सड़क परः लोकतंत्र की उलटी गंगा

    November 5, 2026
    ‘Ada Ki Aahat’ will stir up terror—a double dose of fear and mystery this Halloween!

    ‘अदा की आहट’ से मचेगा खौफ, हैलोवीन पर डर और रहस्य का डबल धमाका!

    November 4, 2026
    Earth is constantly moving forward through space; along with the Sun, we too are continuing our journey through the galaxy.

    अंतरिक्ष में लगातार आगे बढ़ रही है पृथ्वी, सूर्य के साथ हमारी भी जारी है आकाशगंगा की यात्रा

    November 4, 2026
    Sharmila Nasarpuri Memorial Clinic inaugurated in Sarojini Nagar; free health camp proves successful

    सरोजनी नगर में शर्मिला नसरपुरी मेमोरियल क्लिनिक का शुभारंभ, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सफल

    November 4, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading