किसानों सहित अन्य विद्युत उपभोक्ताओं के बिलों को मनमाने तरीके से अधिक बनाने के मामले में नियामक आयेाग की 4 सदस्यीय जाॅंच समिति ने मध्याॅंचल में फ्ल्यूग्रिड बिलिंग एजेन्सी व शक्ति भवन में एचसीएल बिलिंग एजेन्सी कार्यालय में पहुंच कर जाॅंचा पूरी बिलिंग प्रक्रिया और तलब किये 7 दिनों में अनेकों प्रपत्र व श्रेणीवार विद्युत उपभोक्ताओ के बिल
जाॅंच समिति ने औपचारिक रूप से मध्याॅंचल प्रबन्ध निदेशक से भी की मुलाकात
बिलिंग एजेन्सियों ने जाॅंच समिति को किया पूरा सहयोग
लखनऊ 15 नवंबर। प्रदेश में बिजली कम्पनियों द्वारा जारी निर्देश के तहत बिलिंग एजेन्सियों द्वारा उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय टैरिफ से भिन्न टैरिफ प्रदेश के कुछ श्रेणी के उपभोक्ताओं पर खास तौर पर कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर लागू करने की शिकायत पर उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा गठित 4 सदस्यीय जाॅंच समिति ने आज पावर कारपोरेशन की बिलिंग एजेन्सी मेसर्स एचसीएल व फ्लू ग्रिड के लखनऊ स्थिति दफ्तर में पहुंच कर बिलिंग व्यवस्था के साफ्टवेयर में अपडेशन की प्रक्रिया को समझा।
जाॅंच समिति के चारों सदस्यों नियामक आयोग के निदेशक, टैरिफ डा. अमित भार्गव, मध्याॅंचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक वाणिज्य श्री एस सी झा, पावर कारपोरेशन रेग्यूलेटरी अफेयर्स यूनिट के मुख्य अभियन्ता श्री नीरज अग्रवाल व प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से जाॅंच समिति में शामिल उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व जाॅंच समिति सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बिलिंग एजेन्सियों से सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं की दो-दो प्रतियाॅं व किस सक्षम प्राधिकरण के निर्देश पर एजेन्सियों द्वारा साफ्टवेयर में बदलाव किया गया सहित अनेकों सूचनायें 7 दिन में कमेटी के समक्ष रखने का आदेश दिया। बिलिंग एजेन्सियों ने जाॅंच समिति को पूरा सहयोग किया।
जाॅंच समिति के सदस्यों ने अपराहन 12 बजे मध्याॅंचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय पहुच कर फ्लू ग्रिड बिलिंग एजेन्सी के कार्मिकों से अनेकों सवाल किये और कैसे कुछ उपभोक्ताओं के बिलों में पूरे प्रदेश में टैरिफ से अलग अधिक बिल निर्गत किया गया की पूरी विस्तृत जानकारी कम्पनीवार तलब की। इसके बाद जाॅंच समिति के सदस्यों ने औपचारिक रूप से मध्याॅंचल विद्युत वितरण निगम के प्रबन्ध निदेशक श्री ए पी सिंह से भी मुलाकात की।
जाॅंच समिति के सदस्यों ने मध्याॅंचल के बाद शक्ति भवन 5वें तल पर एचसीएल के डाटा सेन्टर में भी उनके कार्मिकों के साथ वार्ता की और अनेकों कागजात कमेटी के सामने 7 दिन में प्रस्तुत करने को कहा। इस दौरान आरएपी, डीआरपी यूनिट के संबंधित अभियन्ता भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि उप्र विद्युत नियामक आयोग की सार्वजनिक सुनवाई में अनेकों कृषि व घरेलू क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा यह मुददा उठाया गया था कि बिलिंग एजेन्सियों द्वारा मनमाने तरीके से यूनिट दर्ज कर एलएमवी-5 उपभोक्ताओं के बिल निर्गत किये जा रहे हैं। 5 हार्स पावर के जिन किसानों का बिल लगभग रू0 834 प्रति माह का बनता था उनका बिल अब रू0 3097 बना रही हैं और अनेकों घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के बिल नारमेटिव मानकर उनसे अधिक वसूली हो रही है। जिस पर आयेाग द्वारा एक जाॅंच समिति गठित की गयी थी जो वर्तमान में जाॅंच कर रही है।






