उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने व्यापक बिजली दर बढोत्तरी प्रस्ताव पर नियामक आयेाग अध्यक्ष से की मुलाकात और उनके समक्ष प्रस्तुत किया उदय के अनेकों राज्यों के आंकडे
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने व्यापक बिजली दर बढोत्तरी प्रस्ताव पर नियामक आयेाग अध्यक्ष से की मुलाकात और उनके समक्ष प्रस्तुत किया उदय के अनेकों राज्यों के आंकडे
उपभोक्ता परिषद का बडा आरोप देश के ज्यादातर राज्य उदय अनुबन्ध में प्रस्तावित वृद्धि से अपने राज्यों में बढवाया कम बिजली दर फिर उप्र में ज्यादा क्यों प्रस्तावित?
आयोग अध्यक्ष का उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष का आश्वासन आयेाग उदय अनुबन्ध का रखेगा पूरा ख्याल और उपभोक्ताओं के हित में लेगा उचित निर्णय
उपभोक्ता परिषद का बडा आरोप उदय अनुबन्ध के समय घाटा लगभग 73 हजार करोड तो अब 75 हजार करोड के ऊपर कैसे पहुचा जिम्मेदार कौन?
लखनऊ 20 नवंबर। प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा प्रदेश के ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में लगभग 350 प्रतिशत किसानों की 80 प्रतिशत व आम घरेलू शहरी विद्युत की दरों में लगभग 15 प्रतिशत की प्रस्तावित वृद्धि के खिलाफ पावर कारपोरेशन द्वारा उपभोक्ता परिषद की आपत्तियों पर आधे अधूरे जवाब दिये जाने के विरोध में उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज उप्र विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन श्री एस के अग्रवाल से मुलाकात कर लम्बी चर्चा की और यह मांग उठायी कि उपभोक्ता परिषद की आपत्तियों पर पावर कारपोरेशन से सही जवाब मंगाये जायें। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष द्वारा आयोग अध्यक्ष के सामने यह मुददा भी उठाया गया कि देश के ज्यादातर राज्य उदय अनुबन्ध के तहत जो वृद्धि आंकलित की थी उससे कम वहाॅं के नियामक आयोगों द्वारा बिजली वृद्धि को अनुमोदित किया गया है ऐसे में उप्र में भी उदय अनुबन्ध का पालन करते हुए भविष्य में टैरिफ तय की जाये। जब उदय अनुबन्ध उप्र द्वारा अनुबंधित किया गया तो घाटा लगभग 73 हजार करोड था वह अब 75 हजार करोड से ऊपर कैसे पहुच गया? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को क्यों?
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग अध्यक्ष के सामने देश के अनेकों राज्यों के वह आंकडें प्रस्तुत किये जिसमें उदय अनुबन्ध द्वारा आंकलित वृद्धि के पश्चात नियामक आयोगों द्वारा अनुमोदित वृद्धि के आंकडों को प्रस्तुत भी किया गया।
राज्य उदय स्कीम में 17-18 प्रस्तावित वृद्धि आयोगों की वास्तविक औसत वृद्धि 17-18
उत्तराखण्ड 4.27 प्रतिशत 5.72 प्रतिशत
आन्ध्र प्रदेश 5.00 प्रतिशत 3.60 प्रतिशत
गुजरात 0.50 प्रतिशत 0.00 प्रतिशत
छत्तीसगढ 6.00 प्रतिशत 1.46 प्रतिशत
महाराष्ट्र 9.01 प्रतिशत 2.00 प्रतिशत
तेलंगाना 8.00 प्रतिशत 0.00 प्रतिशत
हिमाचल प्रदेश 3.00 प्रतिशत 0.00 प्रतिशत
असम 6.50 प्रतिशत 6.00 प्रतिशत
उत्तर प्रदेश 6.95 प्रतिशत प्रस्तावित 22.66 प्रतिशत
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जब देश के ज्यादातर राज्य उदय अनुबन्ध का पालन कर रहे हैं तो उप्र क्यों नही?
नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि टैरिफ तय करने के पहले उपभोक्ता परिषद के सभी बिन्दुओं पर नियामक आयोग गंभीरता से उपभोक्ता हित में निर्णय लेगा जिसमें उदय अनुबन्ध का भी पूरा संज्ञान लिया जायेगा।







