लखनऊ के बारादरी के आगे और पीछे बने हुए दो पुराने प्रवेशद्वार हैं। जब कैसरबाग को राजमहल की तरह इस्तेमाल किया जाता था तो ये दोनों प्रवेशद्वार उस राजमहल-परिसर की सीमा माने जाते थे। लेकिन वर्तमान समय में ये संकरे प्रवेशद्वार जनता के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। दोनों जगह दिनभर जाम लगता है, जिसके कारण लोगों का बहुत समय नष्ट होता है। लोगों की मांग है कि इन दोनों प्रवेशद्वारों को यहां से हटाकर संग्रहालय में सुरक्षित रख दिया जाय, ताकि जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सड़क चौड़ी की जा सके।

दूसरा उपाय यह हो सकता है कि उक्त प्रवेशद्वारों के ऊपर चौड़ा फ्लाईओवर बनवा दिया जाय। ऐसा ही एक प्राचीन प्रवेशद्वार मोहनलाल गंज में मुख्य मार्ग पर बना हुआ था, जिसके कारण वहां हर समय जाम लगता था। जब से वह प्रवेशद्वार हटा दिया गया है, जनता को बड़ी राहत मिल गई है, लखनऊ के चौक क्षेत्र में गोल चौराहे पर भी एक पुरानी इमारत मुसीबत बनी हुई थी, जिसके हटने से समूचा क्षेत्र खुल और खिल गया।







