नई दिल्ली 23 दिसम्बर। नीति आयोग के महानिदेशक डीएमईओ और सलाहकार अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मेक इन इंडिया’ से 2020 तक दस करोड़ नए रोजगार पैदा होंगे। इस महत्वाकांक्षी पहल से नौकरियों में बढ़ोतरी होगी और विकास की गति तेज होगी। श्रीवास्तव ने कहा कि भारत चौथी तकनीकी क्रांति से गुजर रहा है। इसमें तकनीक की बहुलता है।
मेक इन इंडिया के जरिए हम सन 2020 तक 10 करोड़ नए रोजगार पैदा करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ सालों में सरकार ने मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के जरिए देश में निवेश की नई संभावनाओं को तलाशने की कोशिश की है। मेक इन इंडिया प्रोग्राम के माध्यम से सरकार विनिर्माण क्षेत्र पर मुख्य रूप से ध्यान दे रही है। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में नए रोजगार पैदा होंगे। मेक इन इंडिया के जरिए सरकार भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र (ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब) के रूप में स्थापित करना चाहती है।

इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि पिछले दो सालों में 107 नई विनिर्माण इकाइयां स्थापित की गई हैं। जॉब प्लेसमेंट फर्मों का अनुमान है कि निर्माण, इंजिनियरिंग और इनसे जुड़े क्षेत्रों में तेजी आएगी। अगले एक साल में इनमें लगभग 7.2 लाख अस्थाई रोजगार पैदा होंगे। इसके साथ ही ई-कॉमर्स और इंटरनेट सेक्टर्स से जुड़े रोजगारों में भी बढ़ोतरी होगी।







