नई दिल्ली, 03 जनवरी। अंतरजातीय विवाह की तरह अंतरधार्मिक विवाह करने पर प्रोत्साहन राशि देने के लिए सरकार के पास अभी कोई योजना नहीं है। आज लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकीकरण के लिए डॉ. अंबेडकर योजना को अंतरधार्मिक विवाहों में लागू करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। गौरतलब है कि अंतरजातीय विवाहों में पति या पत्नी में से किसी एक के अनुसूचित जाति का होने पर सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
सांपला ने बताया कि वर्ष 2017-18 से पहले सभी राज्यों में अंतरजातीय विवाहों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार रुपए से लेकर पांच लाख रुपए तक अलग-अलग राशि दी जाती थी, मगर सरकार ने इसमें एकरुपता लाने के लिए अब सभी राज्यों में यह राशि ढाई लाख रुपए निर्धारित कर दी है। सांपला ने कहा कि योजना के अनुसार प्रोत्साहन राशि पर होने वाला व्यय केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 50:50 के आधार पर वहन किया जाता है। केंद्रशासित प्रदेशों को शत प्रतिशत सहायता केंद्र देता है।
सांपला के अनुसार, यदि कोई राज्य या केंद्रशासित प्रदेश ढाई लाख रुपए से अधिक प्रोत्साहन राशि व्यय करना चाहता है तो अतिरिक्त राशि का खर्च राज्य सरकार को उठाना होगा, केंद्र अपनी हिस्सेदारी नहीं बढाएगा। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में यह भी कहा कि ढाई लाख रुपए की मौजूदा प्रोत्साहन राशि को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसी बीच जब यह सवाल पूछा गया कि क्या बिना दहेज करने वालों को इस तरह की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की संभावना है तो इसके जवाब में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि फिर यह सरकार की तरफ से एक दहेज होगा।







