दुर्भावना से प्रेरित हो रद्द की आप विधायकों की सदस्यता
नई दिल्ली, 06 फरवरी। चुनाव आयोग की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के मामले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार उनके पीछे पड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया अडंगे की वजह से विकास कार्य ठहर गए हैं। उन्होंने कहा कि आप के जिन विधायकों की सदस्यता रद्द की गई है, वे किसी लाभ के पद पर नहीं थे। उन्हें दी गई जिम्मेदारियां निभाने के लिए राज्य सरकार कोई वेतन नहीं देती थी। वे अपने पैसे खर्च कर जिम्मेदारियां पूरी कर रहे थे।

भाजपा के लोग हमारे पीछे पड़ गए हैं
तिमारपुर विधानसभा में सरस्वती पूजन के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने संसदीय सचिव के फैसले को सही ठहराते हुए केंद्र सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई। अरविंद केजरीवाल ने कहा भाजपा के लोग हमारे पीछे पड़ गए हैं। वे दिल्ली सरकार को काम नहीं करने दे रहे हैं। हमारे कई विधायकों के खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए गए। उन्हें गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन जब मामला कोर्ट में गया तो सब छूट गए। उन्होंने कहा भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब मुख्यमंत्री के घर और दफ्तर में छापा ड़लवाया गया। दिल्ली सरकार की 400 फाइल मंगवा कर जांच की गई ताकि केजरीवाल के खिलाफ कुछ मिल जाए और उसे गिरफ्तार किया जा सके। चार महीने में 400 फाइल एलजी ने जांच की लेकिन मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला।
सदस्यता रद्द करने का फैसला गलत:
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के फैसले को गलत बताया। केजरीवाल ने मंच से लोगों को अपनी भाषा में लाभ का पद बताते हुए कहा कि जब इनकी कहीं नहीं चली तो जनता द्वारा चुने 20 विधायकों को बर्खास्त कर दिया गया, जो गलत है। लाभ का पद क्या होता है, मैं बताता हूं। विधायकों को मैंने कहा कि अपनी विधानसभा के अलावा एक-एक विधायक को 40 स्कूलों की जिम्मेदारी दी थी। वह विधायक स्कूल में जाकर देखता था कि टीचर टाइम पर स्कूल आते हैं या नहीं, टॉयलेट साफ हैं या नहीं। विधायक रोज मुझे रिपोर्ट देते थे और गड़बड़ी ठीक करवा कर आते थे। केजरीवाल ने जनता से सवाल पूछते हुए कहा कि जनता बताए गलत करता था या सही? हमने विधायकों को एक पैसा नहीं दिया। एक भी गाड़ी नहीं दी, कोई बंगला नहीं दिया। विधायक अपने पैसे खर्च करके यह जिम्मेदारी निभा रहे थे।
हमने सब कुछ कुर्बान किया है
केजरीवाल ने कहा कि हमारी पार्टी आंदोलन से निकली है। जेल जाकर, डंडे खाकर हमने सब कुछ कुर्बान किया है। हमारे सारे विधायक पागल किस्म के हैं वो खुद का पैसा खर्च करते और स्कूटर से काम पार जाते थे। इसमें क्या लाभ कमा लिया हमने? जनता बताए कि 20 विधायकों को अलग-अलग जिम्मेदारी देकर मैंने क्या गड़बड़ी कर दी? क्या इसमें विधायक कुसूरवार हैं? दरअसल केंद्र के लोग हमारे पीछे पड़े हैं, क्योंकि दिल्ली में जनता झाड़ू के साथ है, लेकिन केंद्र सरकार काम नहीं करने दे रही है।
केंद्र सरकार को घेरते हुए केजरीवाल ने चुनाव का मुद्दा भी उठाया। केजरीवाल ने कहा कि अब 20 सीट पर चुनाव होंगे तो चुनाव आचार संहिता लगेगी और काम ठप्प हो जाएगा। इसके बाद लोकसभा का चुनाव आएगा, फिर आचार संहिता लागू होगी और फिर काम ठप्प हो जाएगा। इसके बाद अगला विधानसभा चुनाव आ जायेगा और काम फिर ठप्प हो जाएंगे। केंद्र के लोगों ने दो साल के लिए दिल्ली में काम ठप्प कर दिया है। केजरीवाल ने चुनावी प्रचार की तरह अगले 2 साल का प्लान भी जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा केंद्र जितना भी परेशान कर ले मैं नहीं डरता। क्योंकि जनता मेरे साथ है। जनता के काम पर राजनीति करना गलत है। दिल्ली सरकार ने योजना बनाई है। दो सालों में दिल्ली के अंदर सीसीटीवी लगाने की योजना तैयार है। फ्री वाईफाई देने की योजना है। कच्ची कॉलोनी में सीवर, पानी, सड़क, नाली का काम पूरा हो जाएगा।







