नकली दवा बेंचकर कमाए थे 10.7 करोड़ रुपए
बीजिंग, 06 फरवरी। चीन के मंगोलिया की ओरडॉस स्थित एक अदालत ने गंजापन दूर करने वाले युआन सांप का तेल बनाने वाली कंपनी के तीन संस्थापक समेत 85 लोगों के खिलाफ फैसला सुनाया। तीनों संस्थापक को 11 से 13 साल कैद की सजा सुनाई गई। अन्य 82 कर्मचारियों को एक से छह साल की सजा सुनाई गई। एक पीड़ित द्वारा 2016 में मंगोलिया में मामला दर्ज कराने के बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था।
अदालत ने इस रोचक मामले का फैसला 254 पन्नों में लिखा है। संस्थापकों ने अपने कर्मियों को फर्जी डॉक्टर बनकर नुस्खा सुझाने की ट्रेनिंग दे रखी थी। यह डॉक्टर गंजेपन के शिकार लोगों को फोन कर के यह तेल खरीदने को कहते थे। यही नहीं यह उन लोगों को भी टॉनिक पीने की सलाह देते थे जिनकी किडनी कमजोर हो चुकी हैं।
यह दावा करते थे कि उनकी दवा परंपरागत है और प्राचीन किताबों में भी इसका जिक्र है। फर्जी दवा बेंच कर यह कंपनी पांच महीने में करोड़ों की मालिक बन गई। करीब 8945 लोगों को अपनी नकली दवा बेंचकर इन्होंने करीब 10.7 करोड़ रुपये बना लिए थे।







