ट्रंप बोले: पाकिस्तान जाऊंगा, डील साइन हो तो तैयार!
नई दिल्ली : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा, “मैं पाकिस्तान जाऊंगा… पाकिस्तान बहुत अच्छा रहा है। अगर इस्लामाबाद में डील साइन होती है तो मैं जा सकता हूं। फील्ड मार्शल और प्राइम मिनिस्टर पाकिस्तान में सच में बहुत अच्छे रहे हैं। वे मुझे चाहते हैं।” https://x.com/i/status/2044964019719831840
अमेरिका ने ईरान पर शिकंजा कसा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसके विध्वंसक युद्धपोत ने ईरानी झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकलने से रोक दिया और उसे वापस ईरान लौटने पर मजबूर कर दिया। जहाज नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
इस्लामाबाद में बातचीत फेल, स्थिति बिगड़ी
ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत नाकाम रहने के बाद अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में ईरानी बंदरगाहों की पूरी नाकेबंदी लगा दी है। अब कोई भी जहाज ईरान के बंदरगाहों पर न आ सकता है, न जा सकता है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत लगातार गश्त कर रहे हैं।
ईरान का सख्त रुख
ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने अमेरिका को सीधी धमकी दी है। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी करता है तो हम अमेरिकी जहाज डुबो देंगे।”
ईरान पर ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ शुरू!
ट्रंप प्रशासन ने आर्थिक युद्ध छेड़ दिया, पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव थमने के बाद अब जंग आर्थिक मोर्चे पर पहुंच गई है।
डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने ईरान की कमर तोड़ने के लिए ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ लॉन्च कर दिया है। तेल कारोबार, शिपिंग नेटवर्क और वैश्विक बैंकिंग चैनलों को पूरी तरह बंद करने की रणनीति तैयार की गई है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने साफ कहा कि “यह आर्थिक दबाव बमबारी के बराबर है।” ईरान के तेल खरीदने वाले देशों और उसके पैसे रखने वाले बैंकों पर भी सेकेंडरी सैंक्शंस लगाए जा सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन का संदेश एकदम साफ है: मैक्सिमम प्रेशर जारी रहेगा, कोई छूट नहीं। ईरान अब आर्थिक घेराबंदी में फंस गया है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल तनाव चरम पर है। क्या ट्रंप की ‘डील’ वाली बात और ईरान-अमेरिका टकराव जुड़े हैं? अपडेट्स के लिए बने रहें।






