धरना स्थल पर कर्मचारियों ने करवाया हवन
11 साल से कर रहे थे नौकरी एक झटके से निकला
अमेठी, 09 फरवरी। BBAU के प्रो ने हम कर्मचारियों का तीस लाख रुपया का गबन किया है यह आरोप बीबीएयू. सैटलाईट कैम्पस टीकरमाफी, अमेठी के निष्काषित कर्मचारियों ने OSD प्रो पर लगाया है। कर्मचारियों कहना है कि बिना किसी कारण और बिना किसी नोटिस के OSD ने एक -एक कर 6 कर्मचारी को बाहर कर दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि यह यहाँ लोग 11 साल से नौकरी कर रहे थे (इसके पहले IIT कैम्पस मे 60 कर्मचारी नौकरी करते थे, उनका समायोजन बीबीएयू मे किया गया था) अब गुप्त सूचना मिली है कि पैसा लेकर बाहरी लोग को रख रहे है जितने भी लोग की नयी ज्याईनिंग हुई है जिस पद पर रखा गया है वह उस पद के लायक नही है। इनके साथ एक ठेकेदार भी है जो जायसवाल को पैसा कमवाने के जरिया है। अगर कोई कर्मचारी अपनी कोई समस्या रखता है या पूछता है तो का एक ही जवाब रहता है आपका कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हो गया तुम कॉन्ट्रैक्ट बेस आदमी हो।
उन्होंने कहा कि एक बार कुलपति महोदय भी टीकरमाफी कैम्पस आये थे उस समय श्री माननीय ईरानी भी आ रही थी हमने कुलपति महोदय से अपनी पास बात रखी कि सर हम लोग को कोई भी अवकाश, समय पे वेतन, PF, ESI, अन्य जैसी समस्या से भी अवगत कराया और कैम्पस के राजा से बात करने का अवसर मिला लेकिन महोदय की जुबान से यहाँ के OSD की बात निकली ‘आप का ठेकेदार जाने। उस दिन हम सब को बडी शर्म आयी (मागना है तो ईश्वर से मागों ऐ लोग तो गरीबो के ही पैसे से ही घर का खर्च चलाते है) अगर हर बात ठेकेदार जाने तो OSD कौन होता है हम सब को निकालने वाला, जिला सहायक श्रम आयुक्त के यहा सिक्योरिटी का सुपर वाइजर पंकज ने लिख कर दिया है कि मैंने सिक्योरिटी कर्मचारी को नही निकाला, जायसवाल ने निकाला है मुझे कोई सूचना जायसवाल ने नहीं दी कि आपके कर्मचारी गलती कर रहे है और श्रम विभाग के अनुसार 15 दिन पहले अगर कोई गलती है तो नोटिस देकर एक माह का वेतन देकर बाहर किया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि कमल जायसवाल एक जिद्दी ,घमंडी, चरित्रहीन इसांन है यह दुर्भाग्य ही है जो ऐसे इंसान को इतना बडा सम्मानित पद दिया गया जिसके ऊपर हरिजन एक्ट का मुकदमा भी चल रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि 23 तारीख से धरना चल रहा है जिसकी सूचना जिला अधिकारी, पुलिस अधिक्षक ,HRD केंद्र और राज्य मंत्रालय, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, श्री ईरानी जी, श्रम मंत्रालय सभी को ज्ञापन भेजा जा चुका है। HRD मंत्रालय से पोस्ट के माध्यम से जनसूचना भी मांगी गया है, बीबीएयू कुलपति को भी ज्ञापन दिया गया लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुयी है।
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