आधार न होने से बच्चो का स्कूल में नहीं लिया जा रहा है एडमिशन
मानवाधिकार आयोग से जुड़ें एक सदस्य ने उठाया मामला
वाराणसी, 02 मार्च। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले अनुसूचित जाति के गरीब धरकार परिवारों का आधार कार्ड नही बनाया जा रहा है आधार न बनने से इन परिवारों के सदस्य मायूस है और सरकारी योजनाओं से वंचित भी है।
मानवाधिकार आयोग से जुड़ें एक सदस्य अमित मिश्र को मिली जानकारी जानकारी के अनुसार यह लोग वाराणसी जनपद के नेपालीबाग, शिवपुर स्टेशन के पास पिछले दो पीढ़ियों से यहाँ रह रहे है। बातचीत के दौरान अमित को उन लोगों ने बताया कि उनका आधार कार्ड नही बनाया जा रहा है। आधार कार्ड न होने के कारण कोटेदार उन्हें राशन नही देता, बातचीत करते समय उनकी आखें भर आयी और रुआसे गले से पन्ना धरकार कहते कि बनारस में उनके समुदाय के करीब 500 परिवार रहते उन सबके पास आधार कार्ड नही है।
कोई भी अधिकारी आता है तो वह आधार ही मांगता:
आधार कार्ड न होने के कारण उन्हें राशन नही मिलता। वह कहते है की उन्हें आज तक कोई भी सरकारी योजना का लाभ नही मिला। पिछले दो पीढयों से वह झोपड़ी में सड़क किनारे जीवन गुजार रहें है। वह कहते है कोई भी अधिकारी आता है तो वह आधार कार्ड ही मांगता है कहता है कि अब आधार से ही पहचान किया जायेगा अगर आधार नही है तो कुछ भी नही मिलेगा।

उसी बस्ती के संजय धरकार कहते है कि आधार कार्ड बनवाने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन किसी भी अधिकारी नेता ने आधार कार्ड बनवाने में मदद नही की, जिसके कारण आज तक उनका आधार कार्ड नही बन पाया। संजय ने बताया की वह लोग काफी मुश्किलों का सामना कर रहें है। उनके बच्चो का स्कूल में एडमिशन तक नही लिया जा रहा है कहते है कि आधार ले आओ तब नाम लिखेंगे। संजय धरकार कहते है कि अब पहले जैसा धन्धा नही है और बास भी बहुत मंहगा हो गया जिसके कारण बडी मुश्किल से एक वक्त की रोटी मिल पाती है।







