Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, October 29
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    दबाब के तहत सियासी आरोप

    By April 6, 2018Updated:April 6, 2018 Current Issues No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 518
     डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    उत्तर प्रदेश भाजपा के कतिपय सांसदों की अप्रत्याशित मुखरता चौकाने वाली है। ये अपनी ही पार्टी के लिए समस्या पैदा करने वाले बयान दे रहे है। ऐसे सांसदों में अनेक समानताये है। इनमें से कोई भी चार वर्षों तक अपने सम्यक दायित्व निर्वाह के लिए चर्चित नहीं रहा है। दूसरी समानता यह कि ये सब नरेंद्र मोदी के करिश्मे से लाभान्वित हो चुके है। जिसके चलते लोकसभा में पहुचने का इनका अरमान पूरा हुआ था। तीसरी समानता यह कि आम चुनाव से करीब एक वर्ष पहले इनका आत्मज्ञान उजागर होने लगा है। यह वह समय होता है जब प्रायः राजनीतिक पार्टियां आम चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर देती है। जो पार्टी पुनः सत्ता के लिए मैदान में उतरती है, उसके लिए प्रत्याशी चयन ज्यादा कठिन होता है। सिटिंग प्रतिनिधियों के विषय में उनके क्षेत्र से अनेक जानकारियां मिलती है। हाईकमान को उसका भी संज्ञान लेना होता है। लोकसभा में उनकी भागीदारी का रिकॉर्ड भी सामने रखना होता है। वहाँ प्रायः खामोशी से चार साल व्यतीत करने वाले ही अब ज्यादा मुखर है। इनकी अगली समानता यह है कि इनके क्षेत्र के लोग ही नाखुश बताए जा रहे है। ऐसे में कोई भी हाईकमान क्या विचार कर सकता है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है।
    इन सांसदों की मुखरता के पीछे यह दर्द साफ झलक रहा है। नहीं तो कौन विश्वास करेगा कि सांसद सवित्री बाई फुले अब संविधान बचाएगी। या कौन विश्वास करेगा कि कई दशक से आमजन के बीच रहने वाले योगी आदित्यनाथ ने एक दलित सांसद को डांट के भगा दिया होगा। वह तो जनसामान्य से भी स्नेह के साथ मिलते है। इनमें समाज के सभी वर्ग के लोग शामिल रहते है। एक अन्य सांसद को लग रहा है कि दो अप्रैल के हिंसक प्रदर्शन के लिए दलितों को गलत ढंग से गिरफ्तार किया जा रहा है।
    उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने तो अभी एक वर्ष पहले ही कार्यभार संभाला है। इसके पहले सपा सरकार के समय बसपा आरोप लगाती थी कि दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है। यह कार्य सपा के लोग कर रहे है, और सरकार उन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं कर रही है। उस समय भी इन भाजपा सांसदों को प्रभावी ढंग से बोलते नहीं देखा गया।   जाहिर है, उनकी यह चेतना चुनाव की आहट के साथ जागी है।
    उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से लोकसभा सदस्य छोटेलाल का नाम चार वर्ष में पहली बार इतना चर्चित हुआ। होना भी था। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया है। कहा कि वह एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नही करा पा रहे है। मदद मांगने पर योगी आदित्यनाथ ने डांट कर भगा दिया। वस्तुतः यह केवल दबाब बनाने के लिए है। प्रधानमंत्री को पत्र लिखना भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
    मुद्दा भी दिलचस्प है। इसमें आमजन की समस्या का कोई विषय नहीं है। ये संसाद  अपने भाई की राजनीति के लिए  परेशान है। चंदौली में नौगढ़ ब्लाक में उनके भाई ब्लाक प्रमुख थे। बाद में अविश्वास प्रस्ताव से उन्हें हटा दिया गया।  सांसद के अनुसार सुजीत कुमार ने उनपर रिवाल्वर तानी, जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया, जान से मारने की धमकी दी। जिले के अधिकारियों ने कार्यवाही नहीं की। मुख्यमंत्री ने डांट कर भगा दिया। यह ऐसा विषय नहीं था , जिस पर मुख्यमंत्री को कोई आपत्ति होती। यदि किसी के साथ  अन्याय होता है, तो मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों को कठोर सन्देश देते है। यह भी प्रश्न है कि जब सांसद पर किसी ने कथित रूप में रिवाल्वर तानी तो, उनका अंगरक्षक क्या कर रहा था। सांसद यदि किसी थाने के सामने धरने पर बैठ जाये तो, वह चर्चित खबर बन जाती है। ऐसे में लगता नहीं कि सांसद वाकई रिपोर्ट लिखवाना चाहते थे। जाहिर है कि उनकी कहानी में पेंच है। ऐसे ही कारण रहे होंगे, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक जांच के बाद गिरफ्तारी  की बात कही है। इतना ही नही मुख्यमंत्री के रूप में मायावती ने भी ऐसे सामान्य आरोपो पर तत्काल गिरफ्तारी को रोकने का शासनादेश जारी किया था।
    दो अप्रैल के हिंसक प्रदर्शन में कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। जिस सांसद ने इसमें गलत ढंग से दलितों को फंसाने के आरोप लगाया है, उन्हें अपनी तहकीकात के विषय में बताना चाहिए। वह कैसे इस निष्कर्ष पर पहुंचे ,यह बताना चाहिए। उपद्रव अनेक राज्यो में हुए थे। क्या सभी राज्यों के रिकार्ड उनके पास है, क्या उनके पास ऐसी कोई मशीनरी है, इसका भी खुलासा होने चाहिए। लेकिन अपनी पार्टी की प्रदेश सरकार पर ऐसे आरोप लगा देना, राजनीति से प्रेरित  ही दिखाई दे रहा है। ऐसे ही भगवाधारी महिला सांसद संविधान को लेकर एकदम परेशान हो गई। ऐसा लग की वह रैली नहीं करेगी, तो संविधान नहीं बचेगा। इनकी समस्या भी अलग है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में इनका चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड संतोषजनक नहीं है।असली समस्या यह है। इससे बचने के लिए संविधान जैसे भारी विषय को उठा दिया।
    लेकिन आमजन को नादान नहीं समझना चाहिए। वह ऐसे नेताओं के चार वर्ष के क्रियाकलापों को भी जनता है और  एकदम से आई  जागरूकता का मतलब भी समझता है। वस्तुतः कर्तव्य पालन की विफलता इनकी चेतना को झकझोर रही है।  उसी को दबाने और अगली पारी के अवसर बनाने के जतन चल रहे है। किसी को दलितों की चिंता एकदम से सताने लगी, कोई अपने को दयनीय दशा में बताकर सहानुभूति हासिल करना चाहता है कोई संविधान और आरक्षण पर खतरे का शोर मचा रहा है। लेकिन यह सब इनकी निजी असफलता को ही उजागर कर रहा है। सन्देश यह जा रहा है कि ये नेता बसेरा बदलने या पुनः टिकट के लिए दबाब बना रहे है। इनकी कवायद इस निजी मकसद से चल रही है।
    .लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

    Keep Reading

    नीले ड्रम’ हत्याकांड पर आया फैसला : जैसी करनी, वैसी भरनी

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026
    From Ravana on Screen to a Power Player Behind the Scenes! Yash Makes a Big Move in ‘Ramayana’ Distribution

    पर्दे पर रावण, पर्दे के पीछे पावरफुल खिलाड़ी ! ‘रामायण’ के डिस्ट्रीब्यूशन में यश की बड़ी एंट्री

    October 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading