नई दिल्ली, 09 अप्रैल। भारत के प्रमुख बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और पंजाब नैशनल बैंक पीएनबी() ने 1,063 करोड़ रुपए के एनपीए बेचने का फैसला किया है। दोनों बैंकों ने कहा कि वे इस महीने की 20 तारीख को ई-ऑक्शन कराएंगे। इधर, 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम के पीएनबी स्कैम की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीबीसी) के सीवीओ ने कहा कि बैंक के स्टैट्यूटरी ऑडिटर्स से आयोग के सामने पेश होने और फाइनैंशल ट्रांजैक्शन से जुड़े डिटेल्स देने के लिए कहा गया है। आयोग ने कहा है कि प्रोसीजर का नियमित पालन नहीं हुआ लेकिन रिपोर्ट्स की सत्यता को पूरी तरह से जांचा जरूर गया। देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई ई-ऑक्शन में 848.54 करोड़ रुपये बकाया वाले 12 बैड लोन बेच रहा है।
एसबीआई ने कहा है कि वह ये लोन एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों, बैंकों, एनबीएफसी, फाइनैंशल इंस्टीट्यूशंस को बेचेगा। इन अकाउंट में सूरत के गार्डन सिल्क मिल्स पर सबसे ज्यादा 225.06 करोड़ रुपये का बकाया है। कोरबा वेस्ट पावर कंपनी (गुड़गांव) पर 124.78 करोड़, मॉडर्न स्टील्स (चंडीगढ़) पर 122.61 करोड़ रुपये और एसएनएस स्टार्च (सिकंदराबाद) पर 66.87 करोड़ बकाया है। बैंक जिन और कंपनियों के बैड लोन बेच रहा है, उनमें लेटविंड श्रीराम मैन्युफैक्चरिंग पर 64.95 करोड़, यूनिजूल्स लाइफ साइंसेज पर 59.25 करोड़, स्कैनिया स्टील्स ऐंड पावर पर 42.42 करोड़, केएसएम स्पिनिंग मिल्स पर 40.42 करोड़, मॉडर्न डेयरीज पर 39.93 करोड़, अस्मिता पेपर्स पर 37.23 करोड़, फोरल लैब्स पर 22.86 करोड़ और जयपुर मेटल ऐंड इलेक्ट्रिकल्स 2.16 करोड़ का बकाया है।







