विविधता को फैक्ट्री फ्लोर तक पहुंचाने वाला पहला विशेष टूलकिट लॉन्च
मुंबई, 12 जून 2026: भारत के कॉर्पोरेट जगत में समावेशिता की चर्चा अब फैक्ट्री गेट तक पहुंच गई है। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) ने आज ‘प्राइड इन मैन्युफैक्चरिंग’ नाम से एक अनोखा टूलकिट लॉन्च किया है, जो विनिर्माण क्षेत्र में एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय को सम्मानजनक और सुरक्षित जगह देने का व्यावहारिक रोडमैप तैयार करता है।
दो जगहों पर एक साथ लॉन्च, मजबूत संदेश

टूलकिट का लॉन्च मुंबई के गोदरेज वन मुख्यालय और तमिलनाडु की कंपनी की विनिर्माण इकाई में एक साथ किया गया। जीसीपीएल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर सीतापति और वैश्विक एचआर प्रमुख वैभव राम ने इस मौके पर टूलकिट जारी किया।
यह पहल इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि देश का विनिर्माण क्षेत्र रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत होने के बावजूद विविधता और समावेश की चर्चा से अब तक काफी हद तक दूर रहा है।
4.54 करोड़ लोगों की भागीदारी का लक्ष्यटूलकिट ‘ट्रांसफॉर्मिस’ (समावेश एवं विविधता परामर्श कंपनी) और अशोका विश्वविद्यालय की छात्रा अंतरा रॉय चौधरी के सहयोग से तैयार किया गया है।
भारत में अनुमानित 4.54 करोड़ लोग खुद को एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय से जोड़ते हैं, लेकिन 34% लोग अपनी पहचान खुलकर बताने में सुरक्षा की चिंता जताते हैं। टूलकिट इन्हीं वास्तविक चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
क्या देगा यह टूलकिट?
- समावेशी भर्ती के तरीके
- कार्यस्थल बुनियादी ढांचे में जरूरी बदलाव
- कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम
- नेतृत्व की जवाबदेही
- विनिर्माण की खास परिचालन और सांस्कृतिक जरूरतों के हिसाब से व्यावहारिक दिशा निर्देश
यह टूलकिट कानूनी जानकारी, उद्योग की वास्तविकताओं और रोजमर्रा के कामों को जोड़कर संगठनों को एक सुरक्षित, बराबरी वाला और समावेशी वातावरण बनाने में मदद करेगा।
“समावेश हमारी सोच का हिस्सा है” – सुधीर सीतापति
लॉन्च के मौके पर सुधीर सीतापति ने कहा, “हमारे लिए समावेश कभी कार्यक्रम या समयसीमा का विषय नहीं रहा। यह हमारी सोच और विश्वास का हिस्सा है। हम मानते हैं कि हर व्यक्ति सम्मान, इज्जत और अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने की आजादी का हकदार है। ‘प्राइड इन मैन्युफैक्चरिंग’ इसी विश्वास को अमली जामा पहनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।”
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की यह पहल विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन सकती है, जहां अब तक विविधता की बात मुख्य रूप से कॉर्पोरेट ऑफिस तक सीमित रही थी।







