सुंदरवन भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के दक्षिणी हिस्से में गंगा नदी के तट पर स्थित बाघ संरक्षित क्षेत्र एवं जैव रिजर्व क्षेत्र है। यह संपूर्ण इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और इस वन में रॉयल बंगाल टाइगर पाये जाते है जिसकी वजह से यह वन इन बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्र है। अभी हाल ही में किये गए अध्ययनों से यह ज्ञात हुआ है कि इस राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की संख्या 103 है यहां पर पक्षियों, सरीसृपों तथा रीढ़विहीन जीवों की कई तरह की प्रजातियाँ भी पायी जाती हैं।
इन सब विशेषताओं के अतिरिक्त यहाँ पर खारे पानी के मगरमच्छ के कारण इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया है। सुंदरवन हुगली नदी कोलकाता, हावड़ा होते हुए सुंदरवन भारतीय भाग में सागर से संगम स्थल के क्षेत्र तक में बसा हुआ है। यह पद्मा नदी एवं ब्रह्मपुत्र से निकली शाखा नदी जमुना नदी एवं मेघना नदी आपस में मिलती हैं और अंततः ये 350 कि.मी. चौड़े सुंदरवन डेल्टा में जाकर बंगाल की खाड़ी में सागर में मिलती है।
सुंदरबन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है की इसे यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहरों में शामिल किया जा चुका है। सुंदरबन भारत और बांग्लादेश के बीच विभाजित बड़ा मैन्ग्रोव संरक्षित क्षेत्र हैं। हालाँकि इस राष्ट्रीय उद्यान का एक बड़ा भाग बांग्लादेश में पड़ता है। इस वन का एक निहित एक तिहाई हिस्सा भारत में पड़ने से इस जगह के लिए पर्यटन सुविधाओं और आसानी से पहुंच के कारण, पर्यटकों की मनपसंद पर्यटन स्थलों में बना हुआ है। सुंदरबन संरक्षित क्षेत्र की यात्रा करने का अनुभव आपको जीवन भर याद रहेगा।
बाघों और खतरनाक साँपों की प्रजातियों:
सुंदरबन मैन्ग्रोव संरक्षित क्षेत्र जो सुंदरवन 4200 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह रिजर्व कई भारतीय बाघों, जो दुनिया भर में लुप्तप्राय बाघों के प्रजातियों में आते है जहाँ पर उनका संरक्षित किया जाता है। यदि आप भाग्यशाली हुए तो दुनिया भर में यही पर पाये जाने वाले इन शक्तिशाली बाघों की झलक पाने का मौका मिल सकता है जिन्होंने अपने आप को इस सुंदरबन और उसके खारे पानी के पर्यावरण में अपने आप को यहाँ के पर्यावरण के अनुकूल ढाल लिया है। इन बाघों के अलावा यहाँ पर चीतल हिरण और नकचपटा बंदर भी मौजूद हैं। यहाँ पर पर्यटकों को बहुत सावधान रहने की जरुरत है क्योकि सुंदरबन वाटर मोनिटर और किंग कोबरा जैसे खतरनाक साँपों की घातक प्रजातियों का घर हैं।
फोटोग्राफर का खास एडवेंचर:
देश के अधिकतर जाने-माने अधिकतर फोटोग्राफर अपनी ज़िन्दगी भर में एक समय अंतराल तक यहाँ सुंदरबन नेशनल पार्क में अवश्य रहे होंगे। यहाँ पर कई प्रकार की अनोखी पंछियों की प्रजातियाँ जैसे मास्क्ड फिन्फूत, मैन्ग्रोव पित्त और मैन्ग्रोव व्हिस्टलर अदि पाये जाते हैं। इसलिए फोटोग्राफर इन्हे अपने कैमरे में एक बार जरूर कैद करना चाहेंगे। सुंदरी और गोल्पत्ता जैस पेड़-पौधे इस इलाके में ही पाये जाते है। वर्ष 1900 के प्रारंभ में, डेविड प्रिन नमक जैव वैज्ञानीक ने सुंदरबन में 330 से अधिक पौधों की प्रजातियों की खोज किया था।
एमबी सुंदरी
यहाँ पर एमबी सुंदरी नाम की एक अस्थायी तैरता हुआ घर है जो भाड़े पर मिलता है। इसका मिलना मुश्किल होता है क्योकि इसकी बुकिंग हमेशा फुल रहती है, लेकिन यदि आप को इसमें रहने का मौका मिल जाये तो यह सुंदरबन के प्रति आपके दृष्टिकोण को ही बदल कर रख देगा। एमबी सुंदरी नाम के तैरते हुए घर में 8 लोगों का परिवार आसानी से रह सकता है जहाँ कई बेडरूम और बाथरूम है। इसकी तुलना केरल की लक्जरी नावों और भारत में अन्य स्थानों की जा सकती है। -जी क़े चक्रवर्ती







