Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, April 16
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Indian tourism spots

    मावरिंगखांग बांस ट्रेक, मेघालय: जहां पत्थरों की प्रेम कहानी हवा में लहराती है और पूर्वोत्तर भारत का जादू दिल को छू जाता है!

    ShagunBy ShagunApril 6, 2026 Indian tourism spots No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Mawryngkhang Bamboo Trek, Meghalaya
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 173

    प्रस्तुति : नीतू सिंह

    नॉर्थईस्ट कोई “दूसरा देश” नहीं, बल्कि भारत की खूबसूरत पहचान है। यहां आने के लिए पासपोर्ट नहीं, बस सम्मान और बिना नस्लवाद वाला दिल चाहिए। यह बात आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है – और सबसे बेहतरीन उदाहरण है मावरिंगखांग बांस ट्रेक (जिसे Bamboo Trail भी कहते हैं)। मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के वाहखेन गांव में बसा यह ट्रेक न सिर्फ एडवेंचर का खजाना है, बल्कि खासी जनजाति की संस्कृति, प्रकृति के साथ सामंजस्य और भारत की एकता का जीवंत प्रमाण भी।

    शिलांग से महज 40-50 किलोमीटर (लगभग 2 घंटे की ड्राइव) दूर यह ट्रेक Wahrew नदी की खाईयों के किनारे-किनारे बांस के पुलों, लकड़ी की सीढ़ियों और चट्टानों पर बना है। कुल दूरी करीब 3.5 किलोमीटर (राउंड ट्रिप), लेकिन 3-5 घंटे लग जाते हैं। ऊंचाई पर झूलते बांस के पुल, नीचे बहती नदी, चारों तरफ हरे-भरे जंगल और धुंध भरी पहाड़ियां – ये सब मिलकर इसे मेघालय का सबसे थ्रिलिंग और “डरावना” ट्रेक बना देते हैं। लेकिन डर के साथ-साथ यहां रोमांच भी उतना ही है! ट्रेक मीडियम डिफिकल्टी का है, पर हाइट्स से डरने वालों के लिए चुनौती भरा। एंट्री फी ₹50 (बड़ा) और ₹20 (बच्चा)।Mawryngkhang Bamboo Trek, Meghalaya

    ट्रेक की खासियत:

    स्थानीय खासी कारीगरों ने बांस, केन रस्सियों और नाखूनों की मदद से बिना किसी मॉडर्न टूल के ये पुल और सीढ़ियां बनाई हैं। ट्रेक Wahkhen गांव से शुरू होता है, नदी तक उतरता है, फिर चट्टानों के किनारे-किनारे Mawkhlieng Cliff और Mawmoit Viewpoint होते हुए U Mawryngkhang रॉक पर खत्म होता है। रास्ते में झरने, जंगल और पक्षियों की चहचहाहट साथ देते हैं। वापसी में नदी में डुबकी भी लगाई जा सकती है (लोकल्स शॉर्ट्स-तौलिए किराए पर देते हैं)।

    अब आपको सुनाते हैं यहां के दो रोचक किस्से , जो इस ट्रेक को सिर्फ वॉक नहीं, बल्कि कहानी बनाते हैं उम्मीद है पसंद आएंगे : –

    पहला किस्सा: पत्थरों का प्रेम युद्ध – ‘किंग ऑफ स्टोन्स’ की लोककथा

    खासी लोककथाओं में पत्थरों को भी जानदार माना जाता है। U Mawryngkhang (पत्थरों का राजा) को पड़ोसी राज्य की खूबसूरत चट्टान Kthiang से प्यार हो गया। लेकिन Kthiang का विवाह दूसरे शक्तिशाली पत्थर U Mawpator से हो चुका था, जो उसे सुखी नहीं रखता था। Mawryngkhang ने Kthiang को शरण दी। गुस्साए Mawpator ने युद्ध छेड़ दिया। भयंकर लड़ाई में Mawpator ने Mawryngkhang का बायां हाथ काट दिया, लेकिन Mawryngkhang ने आखिरकार जीत हासिल की और Mawpator का सिर काटकर खाई में फेंक दिया (जो आज भी viewpoint से दिखता है!)। Kthiang अब Mawryngkhang के साथ रहने लगी।

    आज भी ट्रेक के अंत में खड़े विशाल U Mawryngkhang रॉक पर “कटा हुआ हाथ” का निशान दिखाई देता है – जैसे कहानी अभी भी जिंदा हो! यह किस्सा ट्रेक को सिर्फ एडवेंचर नहीं, बल्कि मिथोलॉजी का जीवंत अनुभव बना देता है।

    दूसरा किस्सा: बांस के पुलों का चमत्कार – खासी इंजीनियरिंग का रहस्य

    ट्रेक पर 50 से ज्यादा बांस के पुल और लैडर्स हैं, जो चट्टानों से चिपके हुए खाई के ऊपर लटकते हैं। इनका निर्माण कैसे हुआ? स्थानीय खासी आदिवासी बिना किसी भारी मशीन या आधुनिक उपकरण के, सिर्फ पारंपरिक ज्ञान से ये बनाते हैं। बांस को मोड़कर, केन रस्सियों से बांधकर और नाखूनों से मजबूत करके उन्होंने प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाया है – ठीक वैसे जैसे मेघालय के प्रसिद्ध लिविंग रूट ब्रिज।

    वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2040800130266513784

    एक ट्रैकर ने बताया, “पहली बार पुल पर कदम रखते हुए दिल की धड़कन रुक गई, लेकिन लोकल गाइड ने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘भाई, ये हमारे दादा-परदादा का काम है, भरोसा रखो!’” यही इंजीनियरिंग और आतिथ्य सत्कार इस ट्रेक को यादगार बनाता है। यहां आने वाले पर्यटक अक्सर कहते हैं कि मुख्यलैंड से आए लोग यहां खासी परिवारों के घर रुककर उनकी संस्कृति, चावल-मांस की थाली और गर्मजोशी को हमेशा याद रखते हैं।

    कैसे पहुंचें और टिप्स:

    • बेस्ट टाइम: अक्टूबर से अप्रैल (मॉनसून में पुल फिसलनदार हो सकते हैं, बचें)।
    • कैसे जाएं: गुवाहाटी एयरपोर्ट से शिलांग (3-4 घंटे), फिर वाहखेन। लोकल गाइड जरूरी (ट्रेक अकेले न करें)।
    • क्या ले जाएं: अच्छे ट्रैकिंग शूज, रेनकोट, पानी, स्नैक्स, और सबसे जरूरी – सम्मान भरा दिल!

    मावरिंगखांग बांस ट्रेक सिर्फ एक हाइक नहीं, बल्कि भारत की विविधता का जश्न है। यहां आओ, तो सिर्फ नजारे देखने नहीं, बल्कि खासी संस्कृति को अपनाने, लोकल लोगों से बात करने और यह समझने कि पूर्वोत्तर हमारा अपना है – खूबसूरत, विविध और गर्व का विषय। तो अगली ट्रिप प्लान करो, पासपोर्ट मत लाना, सिर्फ दिल ले आना!

    Shagun

    Keep Reading

    Rahul Gaur's Masterstroke: New Colors, New Energy for Uttar Pradesh Tourism

    राहुल गौर का कमाल: उत्तर प्रदेश टूरिज्म को नया रंग, नई ऊर्जा

    Nature's unparalleled treasure trove in the Govardhana Forest Range of the Valmiki Tiger Reserve.

    वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के गोवर्धना फॉरेस्ट रेंज में प्रकृति का अनुपम खजाना

    Lucknow's Miraculous Akshay Vat: Come Here for Peace and Spiritual Serenity

    लखनऊ का चमत्कारी अक्षय वट: शांति और आध्यात्मिक सुकून चाहिए तो यहाँ आइए

    Club Mahindra's Major Expansion: New Resorts Launched in Amba Ghat and Bandhavgarh

    क्लब महिंद्रा का बड़ा विस्तार: अम्बा घाट और बांधवगढ़ में नए रिसॉर्ट्स लॉन्च

    A massive investment of Rs 3.46 crore on the beautification of Falahiri Baba and Durga Devi Dham!

    प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को मिली नई उड़ान: फलाहिरी बाबा और दुर्गा देवी धाम के सौंदर्यीकरण पर 3.46 करोड़ का बड़ा निवेश!

    The Ministry of Tourism's Incredible India will gain new momentum.

    पर्यटन मंत्रालय के ‘अतुल्य भारत’ को मिलेगी नई रफ्तार

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Rahul Gaur's Masterstroke: New Colors, New Energy for Uttar Pradesh Tourism

    राहुल गौर का कमाल: उत्तर प्रदेश टूरिज्म को नया रंग, नई ऊर्जा

    April 15, 2026
    Massive Fire in Lucknow Ring Road Slum: Several Casualties Feared, Gas Cylinders Explode

    लखनऊ रिंग रोड झोपड़पट्टी में भीषण आग: कई हताहतों की आशंका, गैस सिलेंडर फटे

    April 15, 2026
    Yogi Launches Sharp Attack on SP on Ambedkar Jayanti: 'Who Committed Robbery in the Name of Babasaheb?'

    योगी का आंबेडकर जयंती पर सपा पर तीखा हमला: ‘बाबा साहब के नाम पर डकैती किसने डाली?’

    April 15, 2026
    Israel-Türkiye Tensions at a Peak: Iran Was Merely a Rehearsal; Now, the Turkey File Has Also Been Opened.

    इजरायल-तुर्की तनाव चरम पर : ईरान बस एक रिहर्सल था, अब तुर्की की फाइल भी खुल चुकी है

    April 15, 2026
    Sharp Global Attack on Trump: Saudi Arabia and Italy Deliver a Joint, Resounding Response

    ट्रंप पर विश्व स्तर पर तीखा हमला: सऊदी-इटली ने एक साथ दिया करारा जवाब

    April 15, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading