चेन्नई, 22 जून। आज के दौर में जहां सभी अभिभावक अपने संतानों को अच्छी और निजी शाला में पढ़ना चाहते है। पढाई की ऊँची फ़ीस भी देते है। जब की दूसरी ओर सरकारी स्कूल का नाम पड़ते ही कोई उसमे अपने बच्चो को पढाना नहीं चाहते। सरकारी स्कूल का शिक्षा का स्तर कैसा है यह सब जानते है। लेकिन एक ऐसा ही दिल को खुश कर देने वाला मामला सामने आया है जिसे देखते हुए यह कहा जा सकता है भगवान नाम का ऐसा टीचर सभी को मिले और विशेष कर सरकारी स्कूल में तो खास मिले।
चेन्नई के वेल्लिग्राम स्थित सरकारी हाईस्कूल में भगवान नामक टीचर का तबादला कर दिया गया। आम तौर पर ऐसे तबादलों में छात्रों का क्या लेना देना ? तबादले तो होते ही रहते है। लेकिन भगवान नामक इस टीचर के तबादले के खिलाफ छात्रो ने प्रदर्शन शुरू किया। सभी छात्र रो पड़े और रोते हुये टीचर से चिपक कर उन्हें जाने से रोका। यह टीचर उनका पसंदीदा टीचर है। अगर ऐसे कहा जाय कि उन बच्चो को पढ़ने की रीत या मेथड इतनी अच्छी होंगी की छात्रो को लगा होंगा की बस यही उनका भगवान है जो उन्हें एक अच्छा नागरिक एक अच्छा इंसान बना सकता है। प्रशासन ने ऐसे तो उनका तबादला हाल फिलहाल तो रोक दिया।
गुरु शिष्य परम्परा भारत की प्राचीन परम्परा रही है। भगवान श्री राम गुरु शिष्य परम्परा के तहत आश्रम में पढ़े। भगवान श्री कृष्ण भी गुरु-शिष्य परम्परा के तहत सुदामा के साथ बैठकर पढ़े। समय के साथ यह परम्परा दूर होती गई और मेकोलो की शिक्षा प्रणाली भारत में फिरंगियो ने शुरू की थी। गुरु कैसा होना चाहिए शायद इसका उदहारण वेल्लिग्राम का यह टीचर है। वे छत्रो की कितनी अच्छी तरह से शिक्षा देते होंगे की उनके तबादले को रोकने के लिए प्रदर्शन करना पड़ा और बिलख- बिलख कर रोने लगे। और वह भी सरकारी स्कूल के टीचर के लिए..!!!
क्या आज के निजी स्कूलों के किसी टीचर के बारे में ऐसा कभी सुना है? निजी स्कूलों को सिर्फ तगड़ी फ़ीस चाहिए बस। निजी स्कूलों में भी अच्छी पढाई होती होंगी लेकिन सभी टीचर शायद ही वेल्लिग्राम के भगवान नामक टीचर की तरह नहीं। इस टीचर के प्रति छात्रो का लगाव देखते हुए सरकार को चाहिए की उसे उसी सरकारी स्कूल में रखे। उसका तबादला न हो। और उनकी छात्रों को पढ़ाने का जो मेथड है उसका वीडियोज लेना चाहिए। और यह वीडियोज न सिर्फ चेन्नई बल्कि उसका अनुवाद कर देश के सभी राज्यों की स्कूलों को भेजना चाहिए ताकि दुसरे टीचर उसमे से कुछ अच्छा ग्रहण करे औए वे जिस मेथड से पढ़ा रहे है उसमे सुधार करे तो पुरे देश के छात्रो को इसका फायदा मिले। भगवान करे ऐसे टीचर सभी स्कूलों को मिले तो भारत ऐसे गुरुओ की बदौलत जगत गुरु बन सके।







