- एसोसिएशन ने प्रबन्ध निदेशक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से की मुलाकात
लखनऊ, 25 जुलाई 2018: लेसा अन्तर्गत विद्युत नगरीय वितरण खण्ड हुसैनगंज में अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन व प्रमुख सचिव ऊर्जा द्वारा औचक निरीक्षण के दौरान दलित अभियन्ता महेन्द्र सिंह के खिलाफ मनमाने तरीके से कार्यवाही किये जाने के विरोध में उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन की प्रान्तीय कार्यसमिति की आज एक आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें सभी दलित अभियन्ताओं ने कार्यवाही को वापस लेने की मांग उठायी।
एसोसिएशन ने बैठक में दलित अभियन्ता के खिलाफ मनमानी कार्यवाही किये जाने पर 27 जुलाई, 2018 को मध्यांचल कम्पनी पर धरना प्रदर्शन किये जाने का ऐलान किया गया है, उन्होंने कहा कि चूंकि 26 जुलाई को आरक्षण समर्थकों का बड़ा धरना प्रदर्शन पहले से घोषित है, इसलिये एक दिन बाद विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया जायेगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रमुख सचिव ऊर्जा की इस दलित विरोधी मनमानी कार्यवाही के खिलाफ यह भी घोषणा की है कि जल्द ही एक प्रतिनिधि मण्डल प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से भी मिलकर पूरी स्थिति से अवगत करायेगा।
एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में अनिल कुमार, आरपी केन, अजय कुमार आदर्श कौशल राधेश्याम एक 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबन्ध निदेशक से मुलाकात कर पूरी कार्यवाही को निरस्त करने की मांग उठायी, जिस पर उनके द्वारा सहानुभूति पूर्वक विचार किये जाने का आश्वासन दिया गया।
2 महीने पहले ही हुसैनगंज में हुए थे तैनात
उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, अति. महासचिव अनिल कुमार, सचिव आरपी केन, एसपी सिंह, संगठन सचिव, अजय कुमार ने कहा कि मात्र 2 महीने पहले हुसैनगंज में अधिशासी अभियन्ता के पद पर स्थानान्तरित दलित अभियन्ता श्री महेन्द्र सिंह की किस आधार पर समीक्षा की गयी कि उन्हें स्थानान्तरित करने के साथ-साथ एक प्रतिकूल प्रविष्टि देने की भी घोषणा की गयी यानि कि दोहरा दण्ड। जबकि निरीक्षण के दौरान श्री महेन्द्र सिंह का वहां पर उपस्थित न होने का कारण पूरी तरीके से अधीक्षण अभियन्ता के संज्ञान में था।
श्री महेन्द्र सिंह द्वारा अपने गले की बीमारी के चलते छुट्टी लेकर डा. राम मनोहर लोहिया संस्थान में सिटी स्कैन कराने गये थे, जिसकी रसीद उनके द्वारा सभी उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत की गयी। इसके बावजूद भी दलित अभियन्ता के साथ भेदभाव पूर्ण कार्यवाही से पूरे प्रदेश के दलित अभियन्ताओं में काफी रोष है। ऐसे में पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बैठक में प्रमुख रूप से इं. विनोद आर्या, राकेश पुष्कर, राधेश्याम, पीपी सिंह, जय प्रकाश, आनन्द कनौजिया, महेन्द्र सिंह, आदर्श कौशल, रंजीत कुमार, अवनीश कुमार सहित अनेकों अभियन्ता उपस्थित थे।







