प्रशासन ने नहीं दी आरक्षण समर्थकों को धरना प्रदर्शन की अनुमति
लखनऊ, 25 जुलाई 2018: मुंबई में आरक्षण की मांग कर रहे मराठा समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने कल लखनऊ में होने वाले आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। आरक्षण समर्थकों ने कहा कि यह हजारों आरक्षण समर्थकों की आवाज दबाने की कोशिश है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम भेजी गयी जानकारी में बताया है कि पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को बहाल कराने के लिये कल प्रस्तावित प्रदेश भर में धरना किये जाने के क्रम में लखनऊ में मा. कांशीराम ईको गार्डेन धरना स्थल में होने वाले कार्यक्रम के लिये संघर्ष समिति द्वारा लगवाये जा रहे टेन्ट को जिला प्रशासन लखनऊ द्वारा भारी पुलिस बल आलमबाग, कैन्ट, कृष्णानगर थानों की पुलिस व आरएएफ की फोर्स के साथ एसडीएम सदर द्वारा हटवा दिया गया और कहा कि धरना स्थल पर भी आपके कार्यक्रम को नहीं होने दिया जायेगा।
संघर्ष समिति ने कहा कि जब इस पर संघर्ष समिति के लोगों ने पुलिस एवं प्रशासन से बात की तो उनके द्वारा कहा गया कि ऊपर का निर्देश है और आपके कार्यक्रम की अनुमति नहीं है। जबकि निर्धारित धरना स्थल के कार्यक्रम की सूचना एलआईयू के माध्यम से 2 सप्ताह पहले ही प्रशासन को दी जा चुकी है। इस मुद्दे पर संघर्ष समिति ने अविलम्ब आपात बैठक बुलाकर फिलहाल टकराव से बचने के लिये कल होने वाले धरना प्रदर्शन को स्थगित किये जाने का निर्णय लिया है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, एसपी सिंह, महेन्द्र सिंह ने कहा कि पिछले 5 वर्षों से ज्यादा समय से संघर्ष समिति धरना प्रदर्शन, सम्मेलन, रैली आदि कार्यक्रम एलआईयू को सूचना देकर संवैधानिक तरीके से शांतिपूर्ण ढंग से करती चली आ रही है।
उन्होंने कहा कि पहली बार भाजपा सरकार में आरक्षण समर्थकों को शांतिपूर्व कार्यक्रम करने से रोका गया, जिससे पूरे प्रदेश के लाखों दलित कार्मिकों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण दिये जाने का आदेश जारी नहीं किया जा रहा है और दूसरी ओर कार्यक्रम करने से रोका जा रहा है।







