तापमान 6 डिग्री तक बढ़ने की संभावना, UPKAR ने जारी किए विशेष कृषि परामर्श
लखनऊ : प्रदेश में भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) चलने की प्रबल संभावना के बीच उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) ने किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। ‘क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप’ की बैठक में वैज्ञानिकों ने फसलों को गर्मी से बचाने और पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष परामर्श दिए।
धान की नर्सरी पर बड़ा बदलाव
- धान की नर्सरी एक सप्ताह आगे बढ़ाकर डालें।
- साण्डा धान की बुआई अभी की जा सकती है।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिधि और स्वर्णा सब-1 तथा ऊसर भूमि के लिए सीएसआर-43 व नरेन्द्र ऊसर धान-2008 प्रजातियों का उपयोग करें।
जायद फसलों में सावधानी
- उर्द एवं मूंग: सायंकाल सिंचाई करें। पीला मोजैक रोग दिखे तो प्रभावित पौधे उखाड़कर नष्ट करें और सफेद मक्खी नियंत्रण के लिए यलो स्टिकी ट्रैप या इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करें।
- मक्का: हल्की सिंचाई जारी रखें। तना छेदक या फॉल आर्मी वर्म लगे तो फेरोमोन ट्रैप या इमेमेक्टिन बेंजोएट का प्रयोग करें।
- गन्ना, सब्जी और बागवानी के लिए सलाह
- गन्ना: शरदकालीन में मिट्टी चढ़ाएं, बसंतकालीन में सिंचाई के बाद यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करें। चोटीबेधक कीट दिखे तो ग्रसित पौधे काटकर नष्ट करें।
- कद्दूवर्गीय सब्जियां: फल मक्खी से बचाने के लिए क्यू ल्योर फेरोमोन ट्रैप लगाएं।
- आम: भुनगा (हॉपर) कीट नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड छिड़काव करें।
- लीची: फल बेधक के लिए इन्डाक्साकार्ब का प्रयोग करें।
पशुधन और मत्स्य पालन की सुरक्षा
- पशुओं को छायादार जगह बांधें, ताजा पानी पिलाएं।
- 25 मई से शुरू हो रहे गलाघोंटू (HS) टीकाकरण का लाभ जरूर लें।
- मत्स्य पालकों को तालाबों में जल स्तर 1.50 मीटर बनाए रखने और कॉमन कार्प मछली संचय करने की सलाह।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण सुझाव
खाली पड़े खेतों की गहरी जुताई (मिट्टी पलट हल से) करें, जिससे तेज धूप में हानिकारक कीट और खरपतवार के बीज नष्ट हो जाएंगे।
आपात स्थिति में संपर्क करें:
किसान राहत कंट्रोल रूम नंबर 1070 पर कॉल कर सकते हैं।बैठक में उपस्थित: उपमहानिदेशक डॉ. राजर्षि कुमार गौड़ सहित कृषि विशेषज्ञ।किसानों से अपील: सुबह-शाम ही खेतों में काम करें और फसलों में नमी बनाए रखें।







