- आरक्षण समर्थक कार्मिकों द्वारा लखनऊ में आज होने वाले विशाल धरना प्रदर्शन को सरकार द्वारा न होने देने पर आरक्षण समर्थक आक्रोशित प्रदेश के अनेकों जिलों में पदेान्नति में आरक्षण व्यवस्था बहाली पर हुआ धरना प्रदर्शन
- आरक्षण समर्थक कार्मिकों का सरकार के खिलाफ ऐलान इसी तरह होगा दमन तो लाखों की संख्या में आरक्षण समर्थकों का जनसैलाब होगा सड़कों पर जिस जिम्मेदारी सरकार पर
लखनऊ, 26 जुलाई 2018: जिला प्रशासन द्वारा कल शाम निर्धारित धरना- प्रदर्शन न होने देने तथा उनके कार्यक्रम का टेंट उखड़वा देने के मामले में आरक्षण समर्थकों में यूपी सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। आज इसी कड़ी में उप्र में पदोन्नति में आरक्षण की बहाली की मांग को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र के समर्थकों ने आज सुबह करीब 8 बजे रिसालदार पार्क बुद्ध विहार में सरकार के खिलाफ सद्बुद्धि बुद्ध वन्दना की।
आरक्षण समर्थकों ने कहा कि विगत 6 वर्षों से शान्ति पूर्वक चलाये जा रहे आन्दोलन को उप्र की सरकार कुचलने की कोशिश न करे अन्यथा इस स्थिति में आरक्षण समर्थकों का जनसैलाब सड़कों पर होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि आज मा. कांशीराम ईको गार्डेन में होने वाले धरना प्रदर्शन को सरकार ने इसीलिये रोका है कि सरकार को यह एहसास हो गया था कि इस धरना प्रदर्शन में 25 हजार से अधिक की संख्या में आरक्षण समर्थक कार्मिक जुटेंगे, लेकिन इससे आरक्षण समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
भन्ते प्रज्ञा सागर जी ने सभी आरक्षण समर्थकों को भगवान बुद्ध द्वारा बताये गये रास्ते पर चलने की शिक्षा देते हुए अपने आन्दोलन को चलाते रहने की शिक्षा दी और कहा वह दिन दूर नहीं जब आरक्षण समर्थकों की जीत होगी।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, डा रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, एसपी सिंह, महेन्द्र सिंह, दिनेश कुमार, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, जितेन्द्र कुमार, श्री निवास राव, अंजली गौतम, रेनू, अमित कुमार, पीपी सिंह, जय प्रकाश, सुनील कनौजिया ने कहा कि सरकार को आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति यह बताना चाहती है कि यह आन्दोलन घर-घर तक जायेगा लेकिन आरक्षण समर्थक चुप बैठने वाले नहीं हैं। जब तक उप्र की सरकार आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(7) को 15-11-1997 से बहाल नहीं कर देती तब तक हम चुप बैठने वाले नहीं है।







