- महिलाओं पर पुलिस के दुर्व्यवहार पर जताया आक्रोश सांसद पप्पू यादव ने
- जन अधिकार महिला परिषद ने आयोजित किया राजभवन मार्च
पटना, 04 अगस्त, 2018: जन अधिकार पार्टी की महिला प्रकोष्ठ के प्रदर्शनकारियों को राजभवन मच के पास पुलिस ने रोक दिया। आर्रोप है की इस दौरान आगे बढ़ रही महिलाओं के साथ पुलिस ने दुर्व्यवाहर किया और मारपीट भी की। कुछ युवतियों के कपड़े भी पुलिसकर्मियों ने फाड़ दिये। इससे आक्रोशित महिलाओं ने सरकार विरोधी नारे भी लगाये।
बता दें कि जन अधिकार महिला परिषद मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न कांड के खिलाफ और समाज कल्याण मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राजभवन मार्च का आयोजन किया था।
राजभवन मार्च का नेतृत्व पार्टी के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने किया। वे महिलाओं के साथ पुलिस द्वारा किये गये दुर्व्यवहार से काफी भावविह्वल हो गये और फूट-फूट कर रोने लगे। इस दौरान मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि इस राज्य में कोई सुरक्षित नहीं है। सत्ता के लिए और कितना सौदा करेंगे राजनीति करने वाले। बहू-बेटियों का सौदा करने का घिनौना खेल कब तक चलेगा। सांसद ने कहा कि बाल व बालिका गृह यौन उत्पीड़न और बलात्कार का अड्डा बन गये हैं। बलात्कारियों को सरकार का संरक्षण मिलता है। बाल सुधार गृह की लड़कियों को नेता और अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है और उनका यौन शोषण किया जाता है।
श्री यादव ने कहा कि राज्य के सभी बाल सुधार गृहों की जांच होनी चाहिए और वहां होने देह-व्यापार का खुलासा होना चाहिए। इसमें शामिल लोगों को पर्दाफाश किया जाना चाहिए। सांसद ने कहा कि वे मुजफ्फरपुर बालिका गृह के गंदे खेल को लेकर कई बार आंदोलन भी कर चुके थे। इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया। श्री यादव ने कहा कि वे और कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। इसको लेकर लोकसभा की कार्यवाही बाधित की, तब जाकर राज्य सरकार मामले की सीबीआई जांच के लिए तैयार हुई।







