एशियाई खेल के इतिहास में भारत के जिनसन ने तो कमाल कर दिया
नई दिल्ली, 30 अगस्त 2018: जकार्ता में जिनसन जानसन ने 56 साल बाद इतिहास दोहरा दिया। 1962 में जकार्ता में हुए एशियाई खेल में 1500 मीटर की दौड़ में मोहिन्दर सिंह ने नए गेम रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। एशियाई खेल के इतिहास में भारत ने पुरुष वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में यही एकलौता स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद इस बार गुरुवार को जिनसन जानसन ने जकार्ता में ही हो रहे एशियाई खेल की 1500 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है।
जिनसन ने 3 मिनट 44.72 सेकेंड का समय निकाल कर स्वर्ण जीता। ईरान के अमीर मुरादी ने तीन मिनट 45.621 सेकंड के साथ रजत और बहरीन के मोहम्मद तौलाइ ने तीन मिनट 45.88 सेकेंड के साथ कांस्य जीता। 800 मीटर में भारत के लिए स्वर्ण जीतने वाले मनजीत सिंह तीन मिनट 46.57 सेकेंड के साथ चौथे स्थान पर रहे। जिनसन को 800 मीटर में दूसरा स्थान मिला था।
जून में जिनसन जानसन 800 मीटर में श्रीराम सिंह का 40 साल से भी पुराना राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़कर सुर्खियों में आए। पर एशियाई खेल में वह इस दौड़ में कांस्य पदक ही जीत पाए। पर गुरुवार को उन्होंने साबित कर दिया कि वह मध्यम दूरी की दौड़ में एशिया के सबसे उम्दा धावक हैं।
बीच में अस्सी के दशक में बागीचा सिंह ने मध्यमदूरी की दौड़ में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1500 मीटर की दौड़ का स्वर्ण पदक जीता लेकिन वह एशियाई खेल में कमाल न दिखा सके। ऐसे ही नब्बे के दशक में बहादुर प्रसाद ने एशियाई चैंपियन बने लेकिन एशियाई खेल में वह इस दौड़ का स्वर्ण पदक नहीं जीत पाए। हां, 1998 बैंकाक एशियाई खेल में उनके खाते में कांस्य पदक जरूर आया था।







