नई दिल्ली, 22 सितम्बर 2018: प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कठिन फैसले लेती रहेगी और जरुरत पड़ी तो कठिन फैसले लेने में जरा भी नहीं हिचकिचायेगी।
यह बातें बृहस्पतिवार को उन्होंने अपनी सरकार की साढ़े चार साल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहीं, उन्होंने कहा कि इस दौरान देश का चौतरफा विकास इसलिए संभव हो सका, क्योंकि मौजूदा सरकार कठिन फैसले लेने से नहीं हिचकिचाई। श्री मोदी ने यहां द्वारका में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र के शिलान्यास के मौके पर कहा कि पिछले 50 महीने इसके गवाह हैं कि यह सरकार राष्ट्र हित में कठिन फैसले लेने में पीछे नहीं रहती।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में राष्ट्रहित को सवरेपरि रखा गया और व्यवस्थाओं को सही दिशा में मोड़ा गया। उन्होंने कहा कि देश व्यवस्था से चलता है, संस्थानों से आगे बढ़ता है और ये दो-चार महीने, दो-चार साल में नहीं बनते। ये वर्षो के सतत विकास का परिणाम होती हैं और इसमें बहुत महत्वपूर्ण होता है कि फैसले समय पर लिए जाएं और उन्हें बिना टाले लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि अब ये छोटे बैंकों के विलय का फैसला ही लीजिए। करीब ढाई दशक पहले इसके बारे में कदम उठाने की बात शुरू हई थी, लेकिन इस दिशा में आगे बढ़ने का साहस नहीं दिखाया गया।







