पटना, 05 अक्टूबर 2018: बिहार के विलुप्त हो रहे सांस्कृतिक, पारंपरिक एवं बिहार के विरासत को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन द्वारा आज राजधानी पटना के बापू सभागार में दो दिवसीय बिहार – एक विरासत, कला एवं फिल्म महोत्सव 2018 का शुभारंभ बिहार फिल्म निगम के पूर्व एमडी गंगा कुमार ने किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि इतिहास की तरह बिहार की सांस्कृतिक, पारंपरिक व लोकगाथाओं के साथ कला संस्कृतियों की भी विरासत काफी समृद्ध है, जिसे आज सहेजने की जरूरत है। उन्हें पुनर्जीवित कर नृत्य एंव संगीत के उत्थान, प्रसार एवं विस्तार के उद्येश्य से बिहार – एक विरासत, कला एवं फिल्म महोत्सव 2018 के अंतर्गत यह प्रयास किया जाता है। इस आयोजन में बिहार के विरासत को समझने, जुडने और अपने मिट्टी से लगाव को महसूस करने का मौका मिलता है।
उन्होंने बताया कि बिहार – एक विरासत, कला एवं फिल्म महोत्सव 2018 में इस बार ‘उत्साह’ नाम के कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया, जिसमें बिहार के लोकगीत – अंगिका, बज्जिका,भोजपुरी, मैथिली, एवं मगही गीतों की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके ज्यूरी मेंबर डॉ शांति जैन, श्रीमति रेखा जैन और आरजे शशि थे। इस दौरान बिहार – एक विरासत नाम का संगीत अलबम भी लांच किया गया हैं, जिसमें विभिन्न कलाकारों ने बिहार के मशहूर कवियों की कविताओं को बहुत सुंदर रूप से पिरोया गया है। प्रतियोगिता के उपरांत कलाकारों को ग्रामीण स्नेह फाउंडेशन की ओर से सम्मानित भी किया गया।







