ओरल कैंसर से बचाव के लिए सिर्फ 2 मिनट का एक्शन – मर्क का नया अभियान
मुंबई : बदलती जीवनशैली, तंबाकू, शराब और अन्य जोखिम कारकों के कारण मुंबई में हेड और नेक कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा मुंह के कैंसर का है। इसी चिंता को देखते हुए मर्क स्पेशियलिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने “टू-मिनट एक्शन फॉर ओरल कैंसर प्रोटेक्शन” अभियान शुरू किया है। यह अभियान लोगों को सिर्फ दो मिनट में खुद की मुंह की जांच करने और समय रहते सतर्क होने का आसान तरीका सिखा रहा है।
एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल की मेडिकल एंड प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी डायरेक्टर डॉ. सेवांती लिमये ने मुंबईवासियों से अपील की है – “महसूस करें, देखें और कार्रवाई करें”।
डॉ. लिमये कहती हैं, “मुंह में लंबे समय तक रहने वाले छाले, निगलने में तकलीफ, आवाज में बदलाव या गर्दन में सूजन जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें। समय पर पहचान ही इस खतरनाक बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।”
स्किन डोनेशन की कमी से जूझ रहा मुंबई, नेशनल बर्न्स सेंटर की बड़ी अपील
दूसरी ओर, मुंबई में स्किन डोनेशन की भारी कमी गंभीर समस्या बन गई है। नेशनल बर्न्स सेंटर के अनुसार, शहर में हर महीने करीब 150 बर्न पीड़ितों को स्किन ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है, लेकिन केवल 25-30% ही डोनेशन उपलब्ध हो पाता है।
सेंटर के डायरेक्टर और प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुनील केसवानी ने चिंता जताते हुए कहा, “जागरूकता की कमी के कारण कई मरीजों को समय पर स्किन नहीं मिल पाती। यह सामूहिक प्रयास से ही सुधारा जा सकता है।”
वे आगे कहते हैं कि हर साल सैकड़ों जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि लोग स्किन डोनेशन की अहमियत समझें। बर्न सर्वाइवर विराज ठाकुर की कहानी भी इसकी ताकत दिखाती है – “स्किन डोनेशन और समय पर इलाज ने मेरी जान बचाई। सभी से अपील है कि इस नेक काम में आगे आएं।”
विशेषज्ञ बताते हैं कि मृत्यु के 6 घंटे के अंदर स्किन डोनेशन का फैसला लिया जा सकता है, जो कई जिंदगियां बचा सकता है।
मुंबई के लिए यह वक्त है कि हम न सिर्फ खुद की सेहत का ध्यान रखें, बल्कि दूसरों की जिंदगी बचाने में भी अपना योगदान दें। दो मिनट की जांच या एक नेक फैसला – कई जिंदगियां बदल सकता है।






