केएचजी फाउंडेशन ने चुने 4 हेल्थ-टेक स्टार्टअप्स, बदलेंगे भारत का इलाज
मुंबई : केएचजी फाउंडेशन ने वर्ष 2025-26 के लिए चार अभिनव हेल्थ-टेक स्टार्टअप्स का चयन किया है। इन स्टार्टअप्स का लक्ष्य सस्ती, गैर-सर्जिकल और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना है।
चयनित स्टार्टअप्स हैं:
- अगत्स्या सॉफ्टवेयर का नॉन-इनवेसिव डिवाइस
- रेमेडियो इनोवेटिव सॉल्यूशंस की कम लागत वाली ग्लूकोमा डायग्नोस्टिक तकनीक
- फास्ट सेंस इनोवेशन का तेज सेप्सिस पहचानने वाला समाधान
- आयु डिवाइसस का डिजिटल स्टेथोस्कोप
पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर ने कहा, “परिवर्तनकारी विज्ञान बहुजन हिताय होना चाहिए।” फाउंडेशन इन स्टार्टअप्स को तकनीकी मार्गदर्शन, पूंजी और नेटवर्किंग सहयोग देगा।
‘क्राफ्टिंग टुमॉरो’ के साथ गोदरेज ने बदली ब्रांड पहचान
मुंबई : गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप ने अपने 129 वर्ष पुराने ब्रांड को नए सिरे से परिभाषित करते हुए नया उद्देश्य घोषित किया है – “1897 से निरंतर निर्माण, हर आने वाले कल का”।
यह नई रणनीति कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रियल एस्टेट, फाइनेंशियल सर्विसेज, एग्रीकल्चर और केमिकल्स जैसे सभी व्यवसायों को एक साझा भविष्य-उन्मुख सोच के तहत जोड़ेगी। ग्रुप 2031 तक ₹5,00,000 करोड़ के मार्केट कैप का लक्ष्य रख रहा है।
नई ब्रांड पहचान में आधुनिक टाइपोग्राफी, सोनिक सिग्नेचर और सिग्नेचर फ्रेगरेंस शामिल हैं। सस्टेनेबिलिटी और समावेशिता पर जोर देते हुए गोदरेज ग्रुप भविष्य की सफलता को जिम्मेदारी और सामाजिक प्रभाव से जोड़ रहा है।
दोनों पहलें एक साथ दे रही हैं प्रगति का संदेशकेएचजी के स्टार्टअप्स स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में काम करेंगे, जबकि गोदरेज का नया विजन ‘क्राफ्टिंग टुमॉरो’ विरासत को भविष्य से जोड़ रहा है। दोनों ही घोषणाएं मुंबई से हुई हैं और भारत के विकास में नवाचार तथा जिम्मेदारी का नया मॉडल पेश कर रही हैं।






