Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 544 सत्ता का फल देखिए, लेते हाथों-हाथ। जो अब तक अनजान थे, निकल गए वे खास।। निकल गए वे खास, कर रहे चरण वंदना, मस्का में गुण बहुत, जियो चमचों क्या कहना, चिपके रहना साथ, न हिलने देना पत्ता। तब तक देना साथ, रहेगी जब तक सत्ता।। सीएम त्रिपाठी
‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन