कमलनाथ ने मप्र में कांग्रेस सरकार बनाने का दावा पेश किया
नई दिल्ली, 15 दिसम्बर 2018: शायद कम ही लोगों को इसकी जानकारी होगी कि मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ जो 17 दिसंबर यानि सोमवार को शपथ लेने वाले हैं, उनका जुड़ाव बरेली से रहा है। उनके माता-पिता बिशारतगंज कस्बे के गांव दक्षिणी के मूल निवासी थे। कमलनाथ के पिता डॉ महेंद्र नाथ करीब 60 वर्ष पहले गांव अतरछेड़ी छोड़कर कारोबार करने कोलकाता जाकर बस गए थे। वहां इएमसी फैक्ट्री खड़ी के बाद में उन्होंने कानपुर को अपना ठिकाना बनाया और वही कारोबार करने लगे।

बता दें कि गांव में अभी भी कई ऐसे बुजुर्ग हैं जिनकी यादों में डॉ महेंद्र नाथ है। कमलनाथ के बाबा केदारनाथ ने गांव में एक हवेली बनाई थी। उनके पिता तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। पदम श्री पुरस्कार प्राप्त उनके ताऊ इलाहाबाद बोर्ड के चेयरमैन भी रहे। बाद में वह वहीं बस गए। कमलनाथ के ताऊ दिल्ली चले गए और स्पेयर पार्ट्स का कारोबार करने लगे।

मीरगंज के पूर्व ब्लाक प्रमुख ठाकुर अधिराज सिंह से भी कमलनाथ के पिता अमरनाथ के करीबी रिश्ते रहे हैं। बताते हैं कि बचपन में कमलनाथ को मछली पकड़ने का बड़ा शौक था। इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी में दोस्ती के चलते ही कमलनाथ गांधी परिवार के करीब आए। सन 1971 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव पहली बार लड़ा और सांसद बने। इसके बाद लगातार सांसद चुने गए दिल्ली में सिख दंगों को लेकर भी और चर्चा में रहे और कांग्रेस सरकार में केंद्रीय कपड़ा मंत्री समेत कई बार मंत्री रहे। फिलहाल अब वह मध्य प्रदेश की कमान संभालने जा रहे हैं।






