जेवर (नोएडा), 15 जून 2026: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) आज से पूरी तरह वाणिज्यिक उड़ानों के लिए शुरू हो गया। सबसे भावुक और यादगार पल यह रहा कि जिन किसानों ने एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन दी, आज उसी धरती से उनके परिवार के सदस्य पहली उड़ान भरकर लखनऊ पहुंचे।
किसानों की उड़ान – विकास का प्रतीक
लगभग 170-172 किसान (जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल हैं) आज सुबह इंडिगो विमान से जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हुए। यह उड़ान सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि उन किसानों के प्रति सम्मान थी जिन्होंने वर्षों पहले एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए अपनी उपजाऊ जमीन न्योछावर कर दी थी।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह विशेष दल लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला और उन्हें धन्यवाद दिया।
मंत्री का संबोधनइस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु मौजूद रहे। उन्होंने किसानों का स्वागत किया, केक काटा और कहा कि जिन किसानों ने यह एयरपोर्ट बनाने में योगदान दिया, वही आज इसके पहले यात्री बनकर इतिहास रच रहे हैं।
विकास की नई शुरुआत
विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा, कि “यह ऐतिहासिक क्षण है। जिन लोगों ने विकास के लिए अपनी जमीन दी, आज उनके परिवार उसी जगह से हवाई यात्रा कर रहे हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रोजगार, निवेश, उद्योग और आर्थिक विकास के नए द्वार खोलेगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व को इस उपलब्धि का श्रेय दिया गया।
एयरपोर्ट की क्षमता
- पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष की क्षमता।
- भविष्य में विस्तार के बाद क्षमता 7 करोड़ तक पहुंचने की योजना।
- दिल्ली-एनसीआर के दबाव को कम करने और क्षेत्र को नया हवाई हब बनाने में अहम भूमिका।
आज की यह उड़ान सिर्फ एक फ्लाइट नहीं, बल्कि किसानों के सपनों और विकास की कहानी का जीवंत प्रतीक बन गई है। जेवर एयरपोर्ट अब उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के भविष्य की उड़ान का हिस्सा बन चुका है।







