Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, October 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    सामाजिक जागरण का कुंभ प्रवाह

    By December 18, 2018 Current Issues 2 Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 758
    डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    भारतीय चिंतन में स्नान पर्व समरसता, पर्यावरण और वैचारिक चेतना का बोध कराते थे। कुम्भ की परंपरा इसी विचार को आगे बढ़ाती है। इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया है। इसका अनुभव प्रयागराज में चल रही तैयारियों को देखकर हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं प्रयागराज कुंभ स्थल पर पहुंचे। तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने संगम तट पर पूजा और आरती भी की। इसके अलावा वैचारिक कुम्भ भी आयोजित हो रहे है। इस क्रम में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का समरसता कुंभ हुआ। बड़ी संख्या में संत एवं समाज के प्रबुद्ध लोग इसमें शामिल हुए।  समरसता कुंभ स्थल पर लगे स्टॉल भारतीय संस्कृति के परंपरागत खाद्य पदार्थों, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले संदेश ध्यान आकर्षित करने वाले थे।
     कुंभ स्थल देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए है। अयोध्या की इस पावन भूमि पर यह आयोजन निश्चय ही गौरव का विषय है, यदि समाज व राष्ट्र को समर्थ बनाना है तो सभी को एक होना पड़ेगा और प्राप्त अवसरों का सदुपयोग आवश्यक होगा। पंचकुंभ से अलग प्रकार का माहौल बन रहा है।
    इसके पहले काशी में पर्यावरण कुंभ का आयोजन किया गया था।
    भारतीय जीवन शैली में पर्यावरण चेतना सहज स्वभाविक रूप में प्रवाहित होती है। कुंभ भी मात्र धार्मिक स्नान मात्र नहीं होता। यह  नदियों के प्रति सम्मान भाव को जाग्रत करता है। नदियां अविरल निर्मल होंगी ,तभी मानवजीवन का कल्याण होगा,उसका भविष्य सुनिश्चित रहेगा। इसी तरह वन, वृक्ष,पर्वत सभी को सम्मान दिया गया, सभी के संरक्षण संवर्धन को धर्म से जोड़ा गया। हमारे ऋषि त्रिकाल दर्शी थे। वह जानते थे कि एक सीमा से अधिक प्रकृति का दोहन मानव के लिए घातक होगा। इसलिए उन्होंने न्यूनतम उपभोग का सिद्धांत दिया। लेकिन पाश्चात्य सभ्यता के प्रभाव प्रकृति का बेहिसाब दोहन किया। प्रकृति कुपित हो रही है। मानवता के सामने संकट है। इससे बाहर निकलने का उनके पास कोई सिद्धांत विचार नहीं है। इनकी नजर भारत की ओर लगी है।
    लेकिन इस भूमिका के लिए पहले भारत को तैयार होना पड़ेगा। पहले उसे अपनी विरासत को पहचानना होगा। उसके अनुरूप आचरण करना होगा।
    यह पहला अवसर है जब कुंभ के पहले वैचारिक कुंभों का आयोजन हो रहा है। इससे भारतीय चिंतन के अनुरूप गौरव का माहौल बन रहा है।
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने यह भी बताया था कि प्रदेश भर में पांच कुंभ आयोजित किये जा रहे है। काशी में पर्यावरण कुंभ, वृंदावन में मातृ शक्ति कुंभ, लखनऊ में युवा कुंभ अयोध्या में सामाजिक समरसता कुंभ और प्रयाग में नेत्र कुंभ। नासिक व उज्जैन में हुए कुंभ को कुछ लोगों ने दुष्प्रचार कर दलित, महिला व प्रकृति विरोधी बताया। महाकुंभ के पूर्व इन वैचारिक कुंभ का आयोजन किया जा रहा है।
    पर्यावरण कुंभ में कार्बन, पेयजल संकट, उर्वरा शक्ति पर संकट, वायु एवं जल प्रदूषण सहित भूमिगत जल में तेजी से हो रही गिरावट पर विचार विमर्श किया गया। इसके लिए चार सत्र पर्यावरण और भारतीय जीवन शैली, उपभोक्‍ता और पर्यावरण की चुनौतियां, कृषि एवं पर्यावरण और ऊर्जा एवं जल विषय पर आधारित थे। विकास में ही पर्यावरण समृद्धि पर विस्तृत विचार विमर्श हुआ।
     पर्यावरण संतुलन व संरक्षण का ज्ञान सार प्रयागराज के कुंभ में जनमानस को वितरित होगा। पर्यावरणीय संतुलन व संरक्षण की विभिन्न पद्धतियों की प्रदर्शनी भी प्रेरणा देने वाली थी। इसमें  वृक्षारोपण, साइकिलिंग, साफ सफाई, सॉलि़ड वेस्ट मैनेजमेंट, सौर ऊर्जा के प्रयोग, इंडस्ट्रियल वॉटर ट्रीटमेंट, आयुर्वेद के लाभकारी गुण, बनारस के हस्तशिल्प, पर्यावरण मित्र, नवग्रह वृक्ष व मंत्र, तुलसी पूजा, गाय से प्राप्त दूध, गोबर मूत्र आदि के लाभकारी गुण, योग विद्याओं का महत्व, भारतीय मनीषी, महापुरुषों के चित्र व संदेश, प्राकृतिक छटाओं की चित्रकला, पेंटिंग आदि को दर्शाया गया है।
    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सर कार्यवाह सुरेश सोनी और उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इसका उद्घाटन किया। वैचारिक कुंभ में देशभर से जुटे करीब तीन हजार विशेषज्ञ गहराते पर्यावरण संकट के समाधान का रोडमैप बनाया। मानव का प्रकृति से तालमेल खत्‍म हो होना उचित नहीं है।
    यहां दिनेश शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्‍कृति की मानव शैली पर्यावरण संरक्षण, संतुलन और उसके प्रति मैत्री भाव की है। इसमें जीव-जंतुओं, वनस्‍पतियों, नदी-तालाबों के प्रति आदर और संरक्षण का भाव है। वर्तमान उपभोक्‍तावाद संस्‍कृति में प्रकृति के साथ खिलवाड़ का नतीजा आज पूरा विश्‍व भुगत रहा है। इसका हल भी मानव को ही निकालना होगा। सुरेश सोनी ने पर्यावरण के प्रति सोच बदलने और उस अनुसार ढलने पर जोर दिया। भारतीय जीवन शैली से ही पर्यावरण का सरंक्षण हो सकता है। हमें प्रकृति के जरिए अपनी इच्‍छाओं के जगह आवश्‍यकताओं की पूर्ति करनी चाहिए।
    प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने खाई के मुहाने पर पहुंचा दिया है। यह भी जानकारी दी गई कि उत्तर प्रदेश सरकार के तेईस  विभाग मिलकर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के काम में लगे हैं। अगले साल जनवरी में कुंभ से पहले से इंडस्ट्री को माइग्रेट कराकर और शोधन यंत्र लगाकर सीवर सहित अन्य प्रदूषक तत्व गंगा में जाने से हर हाल रोक दिए जाएंगे। प्रयास है कि श्रद्धालु गंगा की निर्मल धारा में स्नान करें। गंगा में गिरने वाले नालों के पानी को शोधित करने की दिशा में काम हो रहा है। एक दिन में नौ करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बाइस करोड़ पौधे लगाएं जयेगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए वन मैन-वन ट्री अभियान चलाया जा रहा है। अवैध कटाने को रोकने के लिए कानून लाया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण कुंभ में आए सुझावों पर प्रदेश सरकार प्रभावी अमल करेगी। पद्मभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र द्वारा प्रस्तुत  पर्यावरण आधारित गणेश वंदना ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। वेदों में पर्यावरणीय चेतना की भी जानकारी दी गई। प्राकृतिक संसाधनों को पुन: संरक्षित करने के लिए भारतीय दर्शन और धर्म की ओर लौटने का आह्वान किया गया।
    कुंभ पहले भी होते रहे है। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने इसे भारत ही नहीं विश्व के सामने व्यापक और वैज्ञानिक रूप में प्रस्तुत करने की योजना बनाई है। इसी के अनुरूप वैचारिक कुंभ आयोजित किये जा रहे है। प्रकृति, पर्यावरण, मानवता, समरसता, शांति सौहार्द की प्रेरणा भारतीय विचारों में समाहित है। इसमें  सम्पूर्ण मानवता के कल्याण की कामना की गई है। विश्व को इसका सन्देश दिया जाएगा। अयोध्या में समरसता कुंभ के आयोजन के पीछे मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम की ओर से स्थापित मानदंड ही हैं। चक्रवर्ती नरेश की राजगद्दी का त्याग कर प्रभु राम ने वनवास को स्वीकार किया। इसके साथ चौदह वर्षों के वनवास में उन्होंने समाज के वंचितों, कोल-भील, गिरिजनों व आदिवासियों सभी को एकता के सूत्र में आबद्ध किया और समरस समाज की रचना की। इसके कारण रामराज्य की स्थापना हो सकी।
    उन्होंने कहा कि रामराज्य का यही संदेश पूरी दुनिया में प्रसारित करने के लिए समरसता कुंभ का आयोजन किया गया। भारत के विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले महाकुंभों की एक ऐसी अनूठी परम्परा है जिसका कोई सानी पूरी दुनिया में नहीं है। महाकुंभों का अपना  धार्मिक और सांस्कृतिक  मूल्य है। इन्हीं मूल्यों की पुनस्र्थापना के लिए ही वैचारिक कुंभ का आयोजन हो रहा है। उन्होंने बताया कि समरसता कुंभ में देश के विभिन्न क्षेत्रों के करीब तीन हजार प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे जो कि विविध समुदायों और वर्गों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आचार्य दीक्षित के अनुसार सभी प्रतिनिधि एक साथ एक स्थान पर दो दिवस तक रहकर एक समाज, एक रक्त और एक ईश्वर की भावना को प्रस्फुटित करेंगे।  यूनेस्‍को ने कुंभ को भारत की अमूर्त धरोहर की मान्‍यता दी है। इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी मेहनत है। उनके विशेष प्रयासों के चलते ही यूनेस्‍को ने कुंभ को आज यह दर्जा दिया है।
    योगी ने कहा कि जो मंदिर नहीं गए वही कोर्ट गए। अयोध्या पर षड्यंत्र आरंभ हुए तो मुझे लगा प्रयागराज कुंभ होगा तो उसके खिलाफ भी साजिश की कोशिशें होंगी। उससे पहले हम वैचारिक कुंभ करके इसका पर्दाफाश करेंगे। नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में करीब चार हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। एकीकृत कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का उद्घाटन करने के साथ ही पीएम मेकिंग ऑफ कुम्भ नाम से काफी टेबुल बुक का लोकार्पण हुआ। पेंट माई सिटी गए और अक्षयवट का दर्शन किया। राजनयिकों ने कुंभ का दर्शन किया है वहीं  मोदी ने गंगा पूजन किया।  इस बार अद्धकुंभ में सभी श्रद्धालु अक्षय वट के दर्शन कर सकेंगे। कई सालों से अक्षय वट किले में बंद था, अब श्रद्धालुओं को अक्षयवट के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश व केंद्र की सरकार के अलावा अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिणक संस्थाएं कुंभ का व्यापक सन्दर्भ लेकर जनजागरण में लगी है। इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम होंगे।

    Keep Reading

    This very land gave us a hero like Abdul Hamid, and now a grand memorial for Maharaja Suheldev is being built: CM Yogi.

    युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना ही नए उत्तर प्रदेश के विकास का संकल्प: सीएम योगी

    Akhilesh Yadav's press conference, on BSP-BJP leaders joining the party, said - 'East and West have been shaken'

    अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बसपा-भाजपा नेताओं के पार्टी में शामिल होने पर बोले- ‘पूरब और पश्चिम हिल गया है’

    नीले ड्रम’ हत्याकांड पर आया फैसला : जैसी करनी, वैसी भरनी

    This very land gave us a hero like Abdul Hamid, and now a grand memorial for Maharaja Suheldev is being built: CM Yogi.

    योगी सरकार में RTI के अंतर्गत बच्चों की शिक्षा के लिए 698.27 करोड़ रुपए आवंटित

    Minister Mr. A.K. Sharma takes a tough stance against mafia activities and illegal extortion in Mau; issues strict directives to the DM and SP.

    वाराणसी में जलभराव पर गिरी गाज, अधिशासी अभियंता निलंबित

    Eight BJP Rajya Sabha candidates filed their nominations.

    भाजपा के आठ राज्यसभा प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

    2 Comments

    1. Keto Power Diet on December 21, 2018 5:51 am

      Hello there, You have performed an incredible
      job. I’ll definitely digg it and in my opinion recommend to my friends.
      I am confident they will be benefited from this web site. https://ketopower.org/

      Reply
    2. best sex chat on August 7, 2019 2:33 pm

      I’m sure various site proprietors should take this site as being a definite
      version, especially tidy and very good intuitive design and
      style, plus the content material. You’re an authority from this issue!

      Reply
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026
    From Ravana on Screen to a Power Player Behind the Scenes! Yash Makes a Big Move in ‘Ramayana’ Distribution

    पर्दे पर रावण, पर्दे के पीछे पावरफुल खिलाड़ी ! ‘रामायण’ के डिस्ट्रीब्यूशन में यश की बड़ी एंट्री

    October 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading