पंपिंग स्टेशन बंद रखने और जल निकासी में लापरवाही के आरोप, शासन ने अनुशासनिक जांच भी शुरू की
लखनऊ/वाराणसी। वाराणसी में जलभराव की समस्या और पंपिंग स्टेशनों के संचालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए शासन ने उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के निर्देशों के क्रम में हुई इस कार्रवाई के साथ उनके खिलाफ अनुशासनिक जांच भी शुरू की गई है।
मंत्री ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी दौरे के दौरान जलभराव का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए जरूरी गेट और बैरियर लगाने की कार्ययोजना तैयार नहीं की गई। साथ ही, 3 और 4 सितंबर को चौकाघाट पंपिंग स्टेशन तथा गोईठहां एसटीपी के पंप बंद रखे गए।
भारी बारिश के दौरान पंपों का समय पर संचालन नहीं होने से सीवर लाइनों पर दबाव बढ़ा और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
मामले की जांच के लिए मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में पवन कुमार गुप्ता कानपुर क्षेत्र स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
मंत्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट किया है कि जनसमस्याओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।







