एम्वे‘ का उद्देश्य अभियान के शुरुआती वर्ष के दौरान 5 साल तक की आयु वाले 10,000 बच्चों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने के लिए माताओं को शिक्षित करना है
गुरुग्राम, 24 दिसंबर, 2018: एफएमसीजी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी एम्वे इंडिया ने आज भारत में बच्चों के बीच कुपोषण की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए ‘पावर ऑफ 5‘ अभियान शुरू किया। लोगों को बेहतर जीवन जीने में मदद करने के एम्वे के विजन के अनुरूप, पावर ऑफ 5 एक समुदाय-आधारित अभियान है, जो 5 साल से कम उम्र के बच्चों की माताओं और देखभाल करने वालों को केंद्र में रखता है।
इस अभियान का उद्देश्य पूरक आहार, स्वच्छता प्रथाओं, बच्चे के विकास पर निगरानी और विविधतापूर्ण आहार सहित पोषण संबंधी ज्ञान और प्रणालियों को बेहतर बनाना है। यह अभियान संबंधित विभागों (एकीकृत बाल विकास योजना, स्वास्थ्य और स्वच्छता) के सेवा प्रदाताओं के बीच तालमेल विकसित करना चाहता है, ताकि कुपोषित और संक्रमण से पीड़ित बच्चों की पहचान की जा सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनियाभर में हर साल 5 वर्ष से कम उम्र के लगभग 70 लाख बच्चों की मौत ऐसे कारणों से हो जाती है, जिनकी रोकथाम संभव है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक इन मौतों में से 45 प्रतिशत के पीछे असल कारण कुपोषण है। भारत में भी, बाल कुपोषण चिंता का बड़ा विषय है, जो देश की बढ़ती आर्थिक उपलब्धियों पर सवालिया निशान लगा रहा है। विश्व बैंक की एक हालिया रिपोर्ट कहती है कि लगभग 80 लाख भारतीय बच्चे गंभीर तीव्र कुपोषण (लंबाई के अनुपात में बहुत कम वजन) से पीड़ित हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य परिवार सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में 5 साल से कम उम्र के 36 प्रतिशत बच्चे सामान्य से कम वजन वाले (अंडरवेट) हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 38 प्रतिशत कम कद वाले (स्टंटेड) हैं, 21 प्रतिशत कमजोर (वास्टेड) हैं, 7.5 प्रतिशत गंभीर रूप से कमजोर (सीवरली वास्टेड) हैं, और 58 प्रतिशत खून की कमी से पीड़ित (एनिमिक) हैं।’’
इस कार्यक्रम की शुरुआत के बारे में एम्वे इंडिया के सीईओ श्री अंशु बुधराजा ने कहा, ‘‘भारत में पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय पोषण मिशन में योगदान देने हेतु एम्वेे इंडिया पोषण और कल्याण के क्षेत्र में अपने व्यापक वैश्विक अनुभव का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपने अनुभव से हम अच्छी तरह समझते हैं कि सेहतमंद विकास और समग्र कल्याण की नींव जीवन के आरंभिक 5 वर्षों में सर्वोत्तम पोषण से ही डलती है। पावर ऑफ 5 के लॉन्च के जरिए हमारा लक्ष्य बाल्यावस्था के कुपोषण के मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाना और व्यापक स्तर पर माताओं और समुदायों में बेहद जरूरी व्यवहारगत बदलाव लाना है।
श्री संदीप शाह, चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, एम्वे इंडिया ने कहा, ‘‘बच्चें के जीवन के शुरूआती 5 वर्ष खासतौर से उसके समग्र विकास के लिये बेहद महत्व पूर्ण होते हैं और इसलिये उन्हें स्वस्था एवं पोषण से भरपूर आहार देना जरूरी होता है। भारत में 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों में पोषण का मौजूदा निम्न स्तर चिंता का विषय है।







