डॉ दिलीप अग्निहोत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास कार्यो के शिलान्यास व उद्घाटन के लिए अनेक बार पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा पर आए है। लेकिन इस बार उनकी यात्रा का सामाजिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बहुत महत्व था। यह सराहनीय है कि भारत सरकार ने विजेता भारतीय राजा सुहेल देव को उचित सम्मान दिया। गाजीपुर में प्रधानमंत्री ने राजा सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी किया। राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रति जिज्ञाषा बढ़ेगी। नई पीढ़ी उनके शौर्य और देशभक्ति से प्रेरणा लेगी। इसके पहले दो हजार सोलह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बहराइच में राजा सुहेल देव की प्रतिमा का अनावरण किया था।नरेंद्र मोदी ने गौरवशाली रूप में राजा सुहेल देव के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उनका नाम बिजयी और यशस्वी भारतीय राजाओं में शुमार है। नरेंद्र मोदी के प्रयासों से उनको गरिमा के अनुकूल प्रतिष्ठा मिल रही है। लेकिन इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के दो नेताओं वोटबैंक राजनीति भी देखने को मिली। यह शर्मशार करने वाली थी। इन्होंने संकुचित मानसिकता उजागर हुई है। इनके बयान राजा सुहेल देव की प्रतिष्ठा के अनुकूल नहीं थे। ऐसा करने वालों में एक लोकसभा सदस्य है। भाजपा से टिकट मिलने की संभावना समाप्त होने के बाद वह बागी हो गई थी। दूसरे नेता प्रदेश सरकार में मंत्री है। इन्होंने अपने राजनीतिक लाभ के लिए राजा सुहेल देव की जाति पर हंगामा शुरू कर दिया। जबकि इस अवसर पर राजा सुहेल देव की यश गाथा के अलावा कोई बात नहीं होनी चाहिए थी।
ओमप्रकाश राजभर ने राजा सुहेलदेव को राजभर समाज का बताया। सांसद सावित्री बाई फुले ने उन्हें पासी समाज का बताया। उनके नाम के साथ पासी उपनाम जोड़कर डाक टिकट जारी करने की मांग को लेकर धरना दिया था। सावित्री बाई की बात मानी जाए तो ओमप्रकाश राजभर की स्थिति हास्यस्पद हो जाएगी। ओम प्रकाश राजभर ने कहना था कि डाक टिकट पर महाराजा सुहेलदेव राजभर का पूरा नाम अंकित नहीं है। यह उनका अपमान है। उनके डाक टिकट पर महाराजा सुहेलदेव राजभर का पूरा नाम नहीं अंकित है। महाराजा सुहेलदेव के साथ राजभर न जोड़ना, इतिहास को मिटाने जैसा है। अपना दल ने भी इसे राजनीतिक अवसर के रूप में लिया। अनुप्रिया गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश भाजपा के नेताओं का अड़ियल रवैया समाज के कमजोर वर्गों का अपमान कर रहा है।
आशीष ने यह नहीं बताया कि आम चुनाव से कुछ महीने पहले उन्हें यह अनुभव कैसे हुआ। महाराज ग्यारहवीं शताब्दी में हुए। उन्होंने बहराइच में ग़ज़नवी सेनापति सैयद सालार मसूद ग़ाज़ी को पराजित कर मार डाला था। सत्रहवीं शताब्दी के फारसी भाषा के मिरात-ए-मसूदी में उनका उल्लेख है। राजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांता की सवा लाख सेना के साथ कुटिला नदी के तट पर युद्ध किया। उनको पराजित कर हिन्दू धर्म की रक्षा की।
इसके अलावा नरेंद्र मोदी ने गाजीपुर में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मेरे आज के प्रवास के दौरान आज पूर्वांचल को देश का एक बड़ा मेडिकल हब बनाने, कृषि से जुड़े शोध का महत्वपूर्ण सेंटर बनाने और यूपी के लघु उद्योगों को मजबूत करने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान वह एक सौ अस्सी करोड़ रुपये की पन्द्रह परियोजनाओं का लोकार्पण किया। चौदह परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
वाराणसी में राष्ट्रीय बीज अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र के परिसर में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान और दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केन्द्र राष्ट्र को समर्पित किया। चावल अनुसंधान संस्थान दक्षिण एशिया और दक्षेस देशों में चावल के अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का प्रमुख केन्द्र बनेगा। मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक में किसानों की कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन सिर्फ आठ सौ किसानों का कर्ज माफ किया गया। किसानों की बदहाली कांग्रेस के पापों का परिणाम है।
कांग्रेस ने स्वामीनाथन कमीशन को लागू नहीं किया। अगर ये रिपोर्ट लागू हो जाती तो आज किसान कर्जदार ना होता। मध्यप्रदेश राजस्थान और छतीसगढ़ में यूरिया की किल्लत है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने चोर दरवाजे से सरकार बनाई है। कालाबाजारी करने वाले अब मैदान में आ गए हैं। उत्तर प्रदेश के लघु उघोगों को किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। पूर्वांचल में सौ बेड वाला प्रसुता अस्पताल बनेगा। इस अस्पताल से हर किसी को फायदा मिलेगा। हमारे राज में गरीब से भी गरीब लोगों की सुनवाई हो रही है।
फीता काटने की परंपरा को हमने बदला। संवेदनशीलता प्रशासन का स्वभाव है। प्रदेश में हजारों करोड़ की योजनाएं तैयार हो रही है। मोदी वाराणसी समेत पूर्वांचल के ग्यारह जिलों के हस्तशिल्पियों को इक्कीस सौ करोड़ से अधिक का ऋण वितरित करने के साथ ही किट प्रदान किये। प्रयागराज में होने वाले कुंभ पर आधारित काफी टेबल बुक का विमोचन किया।
काशी विश्वनाथ मंदिर कारिडोर के फाइनल डिजाइन का ब्लू प्रिंट देखने के साथ ही काशी में भविष्य में होने वाले विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन भी देखेंगे। इस प्रकार मोदी की काशी और गाजीपुर यात्रा का व्यापक सन्दर्भ और महत्व रहा। सुहेल देव जैसे महान हिन्दू राजा को उन्होंने सम्मान दिया। विकास की अनेक योजनाओं का उद्घाटन किया। कुछ का शिलान्यास भी किया। आम चुनाव का समय करीब आ रहा है। इसलिए कांग्रेस पर भी निशाना लगाया।






