लखनऊ, 2 जनवरी 2019: विश्व हिन्दू परिषद ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाए जाने की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर अदालत के फैसले के लिए ‘‘हिन्दू अनंत काल तक इंतजार नहीं कर सकते।’’
विहिप के प्रांत संगठन मंत्री भोलेन्द्र ने कहा कि सभी पहलुओं पर समग्र चिंतन के बाद विश्व हिन्दू परिषद का स्पष्ट मत है कि हिन्दू समाज से अनंत काल तक न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका एकमात्र उचित समाधान यही है कि संसद द्वारा कानून बनाकर श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का मार्ग अभी प्रशस्त किया जाए। वर्षों से अदालत में चल रहा है तथा इसकी अपील सर्वोच्च न्यायालय में वर्ष 2011 से लंबित है। प्रतीक्षा की यह एक लम्बी अवधि है।
उन्होंने कहा कि 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी यह सिद्ध कर दिया कि जहां रामलला विराजते हैं वहीं रामजन्म भूमि है। न्यायालय में 2011 से ही यह मामला विचाराधीन है। हमें न्याय मिलना चाहिए था लेकिन कुछ राजनीतिक दलों के लोग कोर्ट के निर्णय को टालने का प्रयास करते रहे।
जुलाई 2017 में कांग्रेस के नेता और वकील कपिल सिब्बल जैसे लोगों ने बाधा पहुंचाई और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्र 2 अक्टूबर 2018 को यह कहते हुए सेवानिवृत्त हुए कि इस मामले में 29 अक्टूबर से नियमित सुनवाई हो। 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहकर मामला आगे बढ़ा दिया कि यह हमारी प्राथमिकता में नहीं है। इससे हिन्दू समाज आहत हुआ।






