सितारगंज, 21 जनवरी 2019: भारतीय समन्वय संगठन (लक्ष्य) की सितारगंज की टीम ने “एक कदम शिक्षा की ओर” अभियान के तहत उत्तराखंड के जिला उधम सिंह नगर के सितारगंज के वार्ड 6 में एक जागरूकता रैली निकाली व् कैडर कैम्प किया।
रैली में बड़ी संख्या में लोगो ने शिक्षा से सम्बंधित नारे “झाड़ू नहीं किताब दो अपने बच्चो को आत्म-सम्मान दो, नारी को दो शिक्षा की मशाल जिससे रोशन हो पूरा संसार, बहुजनो ने ठाना है बच्चो को पढ़ाना है, नारी शिक्षा की जिम्मेदारी यही है समझदारी,” लगाए। रैली में बेटियों व् युवाओ ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
इस रैली का मुख्य आकर्षण रही लन्दन से आई लक्ष्य कमांडर श्रीमती थिया रोलिंग। शिक्षा के मार्ग से ही मनुष्य अपने लक्ष्य पर पहुंच सकता है, यह बात लक्ष्य कमांडरों ने कही।
श्रीमती थिया रोलिंग ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए शिक्षा के महत्व पर बोलते हुए कहा कि शिक्षा एक मात्र मार्ग है जिस पर चलकर मनुष्य अपनी मंजिल प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षित लोगो को समाज अलग सम्मान से देखता है और शिक्षित लोग अपने अच्छे बुरे को अच्छे से समझ सकते है उनको मूर्ख बनाना आसान नहीं होता है। शिक्षा के बल पर ही लोग विकास की ऊंचाइयों को छू सकते है।
उन्होंने कहा कि अपने बच्चो के हाथो में किताब दे और उनको ज्यादा से ज्यादा शिक्षित होने का मौका दे और बेटियों को भी हर हालत में शिक्षित करे ताकि वो भी अपने पैरो पर खड़ी हो सके। उन्होंने बेटियों को शिक्षित होने के लाभ भी बताये। उन्होंने टीम लक्ष्य द्वारा किये जा रहे सामाजिक कार्यो की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि लन्दन में भी इनके कार्यो की चर्चा होने लगी है जोकि बहुत ख़ुशी की बात है।
लक्ष्य के उत्तराखंड प्रभारी विजय राव ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित लोग ही समाज को एक नई दिशा दे सकते है। उन्होंने बहुजन समाज के लोगो से विशेषतौर से वालमीकि समाज के लोगो से आवाहन करते हुए कहा कि वो अपने बच्चो के हाथो में झाड़ू के बजाये कलम दे ताकि वो अपने व समाज की तकदीर बदल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही मनुष्य को कुरूतियो से बचा सकती है।







