लखनऊ, 29 जनवरी 2019: बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ में 13 पॉइंट रोस्टर के खिलाफ विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफ़ेसर/एसोसिएट प्रोफ़ेसर और प्रोफ़ेसर के भर्ती में सीटों की कटौती के खिलाफ विरोध मार्च और सभा का आयोजन आज मंगलवार को “गौतम बुद्ध केन्द्रीय पुस्तकालय” पर किया गया।
छात्रों का आरोप है कि उच्च शिक्षा में एससी, एसटी, ओबीसी के खिलाफ भेदभाव, सीटों की कटौती इत्यदि द्वारा उच्च शिक्षा से वंचित किया जा रहा। जिससे एससी, एसटी, ओबीसी शिक्षित और अपने हकों के लिए जागृत न हो सके।

प्रोफ़ेसर नंदकिशोर मोरे ने अपने व्यक्तव्य में ये कहा की किसी भी देश की पहचान उच्च शिक्षा मंद नवाचार शोध और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से होता है ताकि देश में नयी तकनीकि और आधुनिकता से जुड़ सके। प्रोफ़ेसर सुदर्शन वर्मा ने अपने व्यक्तव्य में कहा की 13 पॉइंट रोस्टर के माध्यम से सरकार द्वारा देश के संविधान में समानता और प्रतिनिधित्व के लिए जो आरक्षण व्यवस्था लायी गयी है उसे निष्प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा और एससी, एसटी, ओबीसी की आवाज को न्यायपालिका और संसद में सही ढंग नही रखा जा रहा है।

प्रोफ़ेसर शूरा दारापूरी ने कहा की उच्च शिक्षा में आरक्षण को सही ढंग से लागू किया जाना चाहिए। प्रोफ़ेसर एल.सी. मल्लैया ने कहा की 13 पॉइंट रोस्टर गलत है इससे एससी, एसटी, ओबीसी को जो सीटें उच्च शिक्षा में जो मिल रही है उससे उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नही मिल रहा है। प्रोफ़ेसर एम.पी.सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की 13 पॉइंट रोस्टर गलत है और केंद्र सरकार तत्काल इसको हटाकर एससी, एसटी, ओबीसी को पर्याप्त प्रतिनधित्व को सुनिश्चित करे।
डॉ. रवि कुमार एवं डॉ. शरद सोनकर ने भी 13 पॉइंट रोस्टर को भेदभाव पूर्ण बताया। इस आन्दोलन को अन्य संगठनों ने भी अपना सहयोग एवं समर्थन दिया जैसा रिहाई मंच, यादव सेना, AISA, लखनऊ विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।






