नई दिल्ली, 27 फरवरी 2019: जब भारतीय वायुसेना के युद्धक विमान तड़के पाकिस्तान की जमीन पर मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहे थे उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात भर जगकर पूरे अभियान पर नजर रखे हुए थे और तभी आराम करने गए जब सभी लड़ाकू विमान और पायलट सुरक्षित लौट आए।
मीडिया ख़बरों और सरकारी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली। अभियान में शामिल लोगों को सुबह करीब साढ़े चार बजे बधाई देने के बाद वह अपनी नियमित दिनर्चया में व्यस्त हो गए। प्रधानमंत्री आवास पर सुबह 10 बजे मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक समेत उनका दिन भर का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। इसके बाद वह राष्ट्रपति भवन गए जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने 2015 से 2018 तक के लिए गांधी शांति पुरस्कार दिए।
बाद में मोदी एक रैली के लिए राजस्थान गए और वहां से नई दिल्ली लौटकर इस्कॉन के कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने पूरी रात झपकी भी नहीं ली और इस पूरे अभियान से अंत तक जुड़े रहे। यह अभी स्पष्ट नहीं था कि वह अपने घर पर थे या किसी दूसरे स्थान पर जहां एक कंट्रोल रूम से घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही थी।






