कांग्रेस ने आगरा छोड़ फतेहपुर सीकरी में राजबब्बर के लिए लगाया जोर
नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2019: आखिर अब कांग्रेस को महागठबंधन कि याद आ ही गयी। बता दें कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आखिर तक इस बात का मलाल रहा कि काश सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस भी शामिल होती। आगरा में प्रीता हरित को देरी से उम्मीदवार घोषित करना कांग्रेस के लिए भारी साबित होता दिख रहा है। समय नहीं होने और बाहरी होने की वजह से वह पार्टी के कार्यकर्ताओं से ही ठीक से संवाद नहीं बना सकीं। उनका प्रचार वैसी गति नहीं पकड़ सका जैसा चुनाव के लिए अपेक्षित होता है।
चुनावी गणित के बीच कांग्रेस उम्मीदवार के प्रचार को महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के सिवा कोई बड़ा नेता भी नहीं आया। पार्टी को भी लग गया इस सीट पर ज्यादा ऊर्जा जाया करने से बहुत कुछ हासिल होने से रहा।शायद यह ही वजह है कि कांग्रेस के नेता वोट डाले जाने से एक दिन पहले स्वाभाविक रूप से यह कहने लगे कि मुकाबला तो भाजपा के एसपीएस बघेल और बसपा-सपा गठबंधन के मनोज कुमार सोनी के बीच है।

राज्य सरकार में मंत्री बघेल को उतार कर भाजपा इस सीट को बचाने की मशक्कत कर रही है। गठबंधन के उम्मीदवार के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा नेता सतीशचन्द्र मिश्रा ने भी कम मेहनत नहीं की है। कांग्रेस के ज्यादातर कार्यकर्ता पड़ोस की सीट फतेहपुर सीकरी पर प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर का प्रचार करने चले गए। राजबब्बर की पत्नी नादिरा, बेटे प्रतीक समेत पूरे परिवार ने उनके लिए वोट मांगे हैं। कभी राजबब्बर के लिए काम कर चुके राजकुमार चाहर को भाजपा ने उनके खिलाफ खड़ा किया है।कांग्रेस उससे ही अपना मुकाबला मानकर चल रही है। पांच साल से क्षेत्र में सक्रिय सीमा उपाध्याय के स्थान पर बसपा-सपा गठबंधन ने श्रीभगवान शर्मा गुड्डू पंडित को उम्मीदवार बनाया है।
आगरा और फतेहपुर सीकरी दोनों जगह रोजगार, पर्यटन विकास जैसे स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक कारक हैं। भाजपा ने उम्मीदवारों की बजाय मोदी के नाम पर वोट मांगा है। दिलचस्प यह है कि फतेहपुर सीकरी में प्रचार के लिए लगाए गए कांग्रेस सेवादल के प्रमुख अवधेश त्रिपाठी कहते हैं कि आगरा और फतेहपुर सीकरी में जहां विपक्ष ने मोदी की नाकामी गिनकर वोट मांगा है वही भाजपा ने उन्हें मजबूत प्रधानमंत्री बताकर फिर से जिताने की अपील की है। मुकाबला करीबी होने से चुनाव आयोग को दोनों ही सीटों पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अनुचित साधनों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। इसी के मद्देनजर विगत दो दिनों से ऐसे ठिकानों पर नजर रखी जा रही है जहां शराब और काला धन जमा किया जा सकता है।






