जब तक सीएम से वार्ता नहीं होगी, तब- तक इलाज नही करायेंगे

प्रदेश अध्यक्षा सुश्री साजदा पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि आज धरने का पांचवा दिन है और शासन और विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अनशनकारियों का हाल-चाल जानने तक नही आया। इससे योगी सरकार में भी शासन और विभाग के अधिकारियों की उदासीनता स्पष्ट होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि अनशन के दौरान चिकित्सकों ने दो बार अनशनकारियों की जाँच की, और कहा कि कुछ शिक्षकों की तबियत ज्यादा खराब है। इन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना होगा। लेकिन अनशनकारियों ने इलाज कराने से मना कर दिया। इस दौरान तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे कम्प्यूटर अनुदेशक विनय शनी यादव (फतेहपुर) और राजकुमार लोधी (बुलन्दशहर) को सांस लेने में दिक्कत होने तथा चक्कर आने पर उन्हें प्रशासन ने जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत गम्भीर बनी हुई है। जबकि कम्प्यूटर अनुदेशक नरेन्द्र कुमार (सहारनपुर) अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। अन्य आधा दर्जन से भी अधिक अनशनकारियों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। उनका कहना है कि जब तक माननीय मुख्यमंत्री से वार्ता नही होती है तब तक वह इलाज नही करायेंगे। चाहे उन्हें अपनी जान ही क्यों न गवानी पड़े। हम पीछे हटने वाले नही हैं।
आमरण अनशन पर अनिरुद्ध पाण्डेय (प्रदेश महामंत्री), पुण्य प्रकाश त्रिपाठी (प्रदेश प्रवक्ता), बृहमप्रकाश दुबे (प्रदेश संगठन मंत्री), मो. दिलनवाज (मण्डल अध्यक्ष मुरादाबाद), देवेन्द्र सिंह (मण्डल अध्यक्ष मेरठ), नीरज शुक्ला (मण्डल मंत्री कानपुर), कु. वर्षा (जिलाध्यक्ष गाजियाबाद), कु. सुरभि लता (जिला उपाध्यक्ष हरदोई), श्रीमती रौली श्रीवास्तव (कम्प्यूटर शिक्षिका सीतापुर), श्रीमती रेखा मिश्रा (कम्प्यूटर शिक्षिका सुल्तानपुर), विनय शनी यादव (मण्डल उपाध्यक्ष इलाहाबाद), प्रवीण तिवारी (मण्डल उपाध्यक्ष गोरखपुर), शरद त्रिपाठी (जिला अध्यक्ष इलाहाबाद), प्रमोद राजभर (जिला अध्यक्ष आजमगढ़), संजय कुमार (जिला मंत्री सहारनपुर), बृजनारायण मल्ल (जिला मंत्री मऊ), श्यामू गुप्ता (जिला कोषाध्यक्ष प्रतापगढ), राजकुमार लोधी (कम्प्यूटर शिक्षक बुलन्दशहर), नरेन्द्र कुमार (कम्प्यूटर शिक्षक सहारनपुर), बृजेश पाठक (कम्प्यूटर शिक्षक बलिया), अशोक यादव (कम्प्यूटर शिक्षक प्रतापगढ़) आदि बैठे हुये हैं।






