नई दिल्ली, 15 मई 2019: मौसम पूर्वानुमान बताने वाली कंपनी स्काईमेट ने मंगलवार को कहा कि इस बार मानसून तीन दिन की देरी से चार जून को केरल पहुंचेगा। आम तौर पर यह एक जून को केरल के तट से टकराता है। केरल में मई के अंतिम सप्ताह में मानसून पूर्व बारिश शुरू हो जाएगी। इस बार मानसून से पहले की बारिश काफी अच्छी रहेगी।
स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने मीडिया को जानकारी में बताया कि इस बार मानसून चार जून को केरल में दस्तक दे सकता है। हालांकि इसमें दो दिन आगे-पीछे होने की गुंजाइश है। इस साल स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और मानसून कमजोर रह सकता है।
स्काईमेट में मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन विभाग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल जीपी शर्मा ने कहा कि इस बार मानूसन का भंवर अरब सागर में रहेगा जो अच्छा संकेत नहीं है। इस कारण मानसून उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर ज्यादा बढ़ेगा। स्काईमेट मानसून के बारे में अपने पुराने पूर्वानुमान पर कायम है कि इस साल बारिश दीर्घावधि औसत का 93 प्रतिशत होगी। मध्य भारत में सबसे कम 91 प्रतिशत, पूर्व तथा पूर्वोत्तर में 92 प्रतिशत, दक्षिण में 95 प्रतिशत और पश्चिमोत्तर में 96 प्रतिशत बारिश का अनुमान है।
सिंह ने कहा, मानसून के आने में देरी या जल्दी और मानसून की प्रगति में कोई सीधा संबंध अब तक स्थापित नहीं किया जा सका है, लेकिन इस बार मानसून के आगे बढ़ने में भी देरी हो सकती है। जब मानसून का आगमन होगा उस समय अलनीनो प्रभाव रहेगा और इसलिए पहले दो सप्ताह में बारिश कम रहने का अनुमान है।







