1. मुख्यमंत्री ने किया उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ
2. सेवा प्रदाता एजेंसियों की मनमानी पर लगेगी लगाम, संयुक्त परिषद की प्रमुख मांग हुई पूरी
लखनऊ। प्रदेश के 5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों के लिए आज ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया और इसका लोगो भी अनावरण किया।
एजेंसियों के शोषण से मिलेगी राहत
अब निगम के जरिए कर्मियों को सेवा सुरक्षा, ईपीएफ, ईएसआई, दुर्घटना बीमा और चिकित्सा सुविधा मिलेगी। एक विशेष पोर्टल पर उनकी पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। सेवा संरक्षण का लाभ परिवार के सदस्यों को भी मिलेगा। सेवा प्रदाता एजेंसियों द्वारा की जाने वाली धन उगाही, कम मानदेय, अतिरिक्त काम और कटौती जैसी मनमानियों पर लगाम लगेगी।
संयुक्त परिषद की मांग का नतीजा
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने बताया कि यह मुद्दा 30 अगस्त 2024 से लगातार मुख्यमंत्री के सामने रखा गया था। उन्होंने लाखों कर्मियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन ने परिषद की आधी मांग स्वीकार कर ली है। नियमितीकरण की प्रक्रिया के लिए प्रयास जारी रहेंगे। परिषद ने पुराने कर्मियों को न निकालने और सीधे निगम के माध्यम से नियुक्ति की भी मांग दोहराई।
कृष्ण जन्माष्टमी का खास तोहफा
महामंत्री अरुणा शुक्ला ने इसे कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कर्मियों के लिए मुख्यमंत्री का विशेष तोहफा बताया। परिषद के अन्य पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताया और सभी आउटसोर्स कर्मियों को बधाई दी।







