ऊर्जा मंत्री ने अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को दिया कार्यवाही का निर्देश
लखनऊ, 22 मई 2019: प्रदेश की सभी बिजली कम्पनियों में लगभग 3 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी राशि पर विद्युत अधिनियम 2003 व विद्युत वितरण संहिता 2005 के प्राविधानों के अनुसार 1 अप्रैल को लागू रिजर्व बैंक की दर पर ब्याज दिलाने को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया और एक ज्ञापन भी सौंपा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया कि विद्युत अधिनियम 2003 के प्राविधानानुसार 1 अप्रैल को बैंक दर के अनुसार प्रदेश के सभी 3 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अप्रैल, मई व जून के महीने में उनके बिजली बिल में सिक्योरिटी पर ब्याज मिलता है। वर्तमान में अप्रैल खत्म हो गया मई बीतने को है, लेकिन बिजली कम्पनियां चुप हैं। ऐसे में अविलम्ब पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन को विद्युत उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि पर ब्याज दिये जाने के निर्देश अविलम्ब जारी किये जायें, जिससे उपभोक्ताओं को नियमानुसार उसका लाभ मिल सके। प्रदेश के 3 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं को उनके बिलों में अनुमानित 6.50 की दर लगभग 200 करोड़ से ज्यादा ब्याज जून के महीने तक मिल जाना है। ऐसे में सभी विद्युत उपभोक्ता अपने जून महीने के बिल में यह सुनिश्चित कर लें कि उन्हें ब्याज मिल गया अथवा नहीं।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वस्त किया कि विद्युत अधिनियम 2003 के प्राविधानानुसार प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को जमा सिक्योरिटी पर ब्याज विभाग द्वारा अविलम्ब दिलाया जायेगा। उसी क्षण उपभोक्ता परिषद के ज्ञापन पर ऊर्जा मंत्री जी द्वारा अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को कार्यवाही के निर्देश जारी कर दिये गये।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा वर्ष 2018-19 के लिये प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी पर जो ब्याज मिलना है वह 1 अप्रैल 2019 को अनुमानित 6.50 है। वहीं पावर कार्पोरेशन द्वारा नियामक आयोग से वर्ष 2018-19 के लिये उपभोक्ताओं को जो सिक्योरिटी पर ब्याज दिया जाना अनुमानित किया है, वह लगभग 241 करोड़ है और पावर कार्पोरेशन द्वारा आयोग को यह सूचित किया गया है कि वर्ष 2018-19 में प्रदेश के कुल विद्युत उपभोक्ताओं की जो जमा सिक्योरिटी है वह लगभग 3465 करोड़ है।






