भीषण गर्मी का कहर: 42-47°C तापमान, जनजीवन अस्त-व्यस्त
लखनऊ : उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। अप्रैल महीने में ही कई जिलों में तापमान 46-47°C तक पहुंच गया है। बांदा में सबसे ज्यादा 47.4°C दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज, वाराणसी, हमीरपुर, कानपुर और अलीगढ़ जैसे शहरों में पारा 44-45°C के पार रहा। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है।
स्वास्थ्य पर असर: अस्पतालों में उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़े

भीषण गर्मी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सरकारी अस्पतालों में उल्टी, दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या резко बढ़ गई है। कई अस्पतालों में कोल्ड रूम तैयार किए गए हैं और हीट स्ट्रोक पीड़ितों के लिए अलग चार बेड लगाए गए हैं। डॉक्टरों ने दोपहर में बाहर न निकलने और खूब पानी पीने की सलाह दी है।
गोरखपुर में डरावना हादसा: विंडो एसी में लगी आग
गोरखपुर में तेज गर्मी के बीच एक घर में लगे विंडो एसी में अचानक आग लग गई। देखते-ही-देखते आग पूरे घर में फैल गई। परिवार के सदस्य किसी तरह भागकर अपनी जान बचा पाए। गर्मी के कारण बिजली उपकरणों में शॉर्ट सर्किट के ऐसे मामले बढ़ रहे हैं।
फ़िलहाल एक अच्छी खबर: 3-4 दिन में मिलेगी राहत, तापमान गिरेगा
लगातार पड़ रही भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद जगी है। नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 28 अप्रैल से मौसम बदलने वाला है। पश्चिमी और पूर्वी यूपी के अधिकतर जिलों में बादल छाएंगे, गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और तेज हवाएं (40-50 kmph) चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। राहत कम से कम 2 मई तक बनी रहने की संभावना है।
बता दें कि पूर्वांचल और बुंदेलखंड सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। 60 से ज्यादा जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी है। गर्मी से बचाव के लिए लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।






