लखनऊ में विकसित AI उपकरण को मिला सरकारी डिजाइन रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र
लखनऊ, 29 अप्रैल 2026: स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) की शोध टीम द्वारा विकसित एआई आधारित ओरल कैंसर रिस्क इवैल्यूएशन उपकरण को भारत सरकार के पेटेंट ऑफिस से आधिकारिक डिजाइन रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र मिल गया है।
एआई की मदद से प्रारंभिक जांच
यह उपकरण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक का इस्तेमाल कर मुंह के कैंसर के खतरे का शुरुआती स्तर पर आकलन करने में सक्षम है। इससे समय रहते बीमारी का पता लगाकर इलाज शुरू किया जा सकेगा, खासकर उन इलाकों में जहां डॉक्टर और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं कम उपलब्ध हैं।
क्लास 24-01 के तहत हुआ पंजीकरण
सरकार ने इस डिजाइन को क्लास 24-01 के अंतर्गत रजिस्टर किया है। डिजाइंस एक्ट 2000 और डिजाइन रूल्स 2001 के तहत मिले इस प्रमाण पत्र के साथ उपकरण को 10 वर्षों तक कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है।
शोध टीम को बधाई
इस innovative डिवाइस को विकसित करने वाली टीम में शामिल हैं:मौसमी देवी (शोधार्थी)
प्रो. रईस अहमद खान
डॉ. अल्का अग्रवाल
डॉ. राजीव कुमार
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गेम चेंजरविशेषज्ञों का मानना है कि यह AI आधारित उपकरण देश के दूर-दराज के इलाकों में ओरल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की स्क्रीनिंग को आसान, तेज और सस्ता बना सकता है। समय पर पता चलने से मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।
यह उपलब्धि न सिर्फ बीबीएयू के लिए गौरव की बात है, बल्कि भारत में मेडिकल टेक्नोलॉजी और AI हेल्थकेयर इनोवेशन को नई दिशा देने वाली मिसाल भी है।
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