लखनऊ, 02 जून 2019: पूरे देश में यह खबर बहुत जोरो से फैली है कि विद्युत उपभोक्ता के परिसर पर जो बिजली मीटर लगे है उसके प्लेट के ऊपर 27 डिग्री सेल्सियस लिखा है इसका मतलब मीटर इसके ऊपर जब टेम्परेचर जायेगा तो मीटर की गुणवत्ता खराब हो जाएगी और मीटर तेज भागेगा लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं होता।
पूरे देश में अगर गर्मी के चलते कोई मीटर तेज भागता है या बंद होता है इसका मतलब उसकी गुणवत्ता बहुत घटिया है और वह मानक को पूरा नहीं करता राजस्थान में इस प्रकार की कुछ शिकायते सामने आ रही है उपभोक्ता परिषद् उस पर नजर बनाए है ।
उपभोक्ता बिलकुल न हों परेशान:
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा बिजली मीटर जो उपभोक्ता के परिसर पर लगे है और उसके प्लेट पर 27 डिग्री सेल्सियस लिखा होता है उसका मतलब यह होता है मीटर जिस फॅक्टरी में बनाया जाता है वहां के कमरे का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रखा जाता है और जहा तक सवाल है मीटर किस तापमान तक सही काम करेगा तो उपभोक्ता परिसद अपने सभी उपभोक्ताओ को बताना चाहता है कि सभी मीटर नियम और मानक के अनुसार मीटर माईनस 10 डिग्री सेल्सियस से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच काम करता है ऐसे में उपभोक्ता बिलकुल परेशान न हो की मीटर उनके परिसर के बाहर लगा है उन्हे कही दिकत न हो ऐसी प्रकार बारिश में भी मीटर मानक के तहत आई पी 51 के तहत बरसात में सही काम करने के लिय बना है ।







