लखनऊ,16 जून 2019: एक बार फिर मौत गरीब बेरोजगारों पर भारी पड़ी। सीवर की सफाई करने उतरे दो युवकों को शनिवार को जहरीली गैस ने लील लिया, जिससे उनके घर में मौत का मातम छा गया। बता दें कि सीवर की सफाई में सुरक्षा मानकों का पालन न करना भारी पड़ गया। चिनहट के फैजाबाद रोड पर डीपी बोरा पेट्रोल पंप के पास स्थित करीब 40 फीट गहरे मेन होल की सफाई करने उतरे दो युवकों की सीवर से निकली जहरीली गैस से दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गयी।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मी ने दोनों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं रहे। इसी दौरान उधर से गुजर रहे डालीगंज निवासी गोताखोर मोनू कश्यप ने अपनी जान पर खेलकर उनको बाहर निकाला।
इस मामले में प्रबंध निदेशक अनिल कुमार वाजपेयी ने परियोजना प्रबंधक खालिद अहमद, परियोजना अभियंता अविनाश सिंह व सहायक परियोजना अभियंता मनीष वर्मा को निलम्बित कर दिया।
लापरवाही खुलकर सामने आयी:
नियमों के अनुसार गहरी सीवर लाइन में मास्क व अन्य सुरक्षा उपाय अपनाने के बाद ही सीवर सफाई का काम करना चाहिए पर इस मामले में ऐसा नहीं दिखा, इस मामले ठेकेदार और अधिकारियों की लापरवाही खुलकर सामने आयी। बता दें कि यह कोई पहला सीवर हादसा नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार छह साल पहले भी गऊघाट पर सीवर हादसों में दो मजदूरों की मौत हो गयी थी। पुराने शहर में कैम्पवेल रोड पर भी सीवर लाइन डालने में एक मई को दो मजदूरों की मौत हो चुकी है। चिनहट इलाके में ही मलेशेमऊ में सीवर हादसे में तीन मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।







